पटना से मिथिलेश कुमार की रिपोर्ट
Bihar Farmers: राज्य के किसानों को एक ही डिजिटल मंच पर अधिक से अधिक कृषि सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कृषि विभाग ने पहल शुरू की है. इसी कड़ी में बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर की किसानों से जुड़ीं सेवाओं को राज्य सरकार के बिहार कृषि डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी की जा रही है.
कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने इस संबंध में बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति को लेटर भेजा है. लेटर में कहा गया है कि कृषि विभाग ने किसानों को कृषि संबंधी विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बिहार कृषि प्लेटफॉर्म विकसित किया है.
कृषि एप पर 12 लाख से अधिक किसान जुड़े
वर्तमान में इस प्लेटफॉर्म पर 12 लाख से अधिक किसान रजिस्टर्ड हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है. किसानों की आय बढ़ाने, जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता मजबूत करने और कृषि संबंधी जानकारी और सेवाओं की आसान पहुंच बढ़ाने के लिए इस एप का उपयोग हो रहा है. इसके लिए विश्वविद्यालय की सलाहकारी सेवाओं, ट्रनिंग, शोध प्रसार और अन्य विस्तार गतिविधियों को भी इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है.
बिहार कृषि एप से मिल रहीं कई सेवाएं
वर्तमान में बिहार कृषि प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों पर आधारित कृषि मौसम परामर्श किसानों तक पहुंचाया जा रहा है. साथ ही ‘भारत विस्तार’ जैसे एआई आधारित चैटबॉट और आईसीएआर की सामग्री के जरिए किसानों को कृषि संबंधी मार्गदर्शन दिया जा रहा है.
कृषि विभाग की टीम जल्द ही बिहार कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मुलाकात कर सेवाओं के एकीकरण और सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेगी. विभाग का मानना है कि इससे किसानों को एक ही मंच पर अधिक सुविधाएं और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध हो सकेगी.
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