महिला श्रद्धालु से छिनतई का विरोध करने पर दामाद को मारी गोली

सिमरिया में दिनदहाड़े लूट, छिनतई, गोलीबारी की घटना पुलिस-प्रशासन के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है.

बीहट. सिमरिया में दिनदहाड़े लूट, छिनतई, गोलीबारी की घटना पुलिस-प्रशासन के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है. हाल के दिनों में अपराधियों का मनोबल बढ़ता हुआ दिख रहा है. बुधवार की शाम छिनतई व फायरिंग मामला थमा नहीं था कि गुरूवार क एकबार फिर इन्होंने गंगा स्नान करने सिमरिया आनेवाले एक परिवार के साथ छिनतई की और विरोध करने पर फायरिंग कर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली है. दरअसल पति जयप्रकाश गुप्ता की मौत के बाद समस्तीपुर गणेश चौक वार्ड-25 की रहने वाली अनुराधा देवी अपने बेटा, बेटी, दामाद सहित परिवार के अन्य बारह सदस्यों के साथ गंगा स्नान व पूजन करने गुरूवार की सुबह सिमरिया गंगा घाट पहुंची थी. इसी दौरान दो अपराधी आये और अनुराधा देवी के गले से सोने की चेन छीन कर भागने लगे. शोर मचाने पर उनके दामाद और बेटा उसके पीछे भागे. इसी क्रम में अपराधियों ने एक हवाई फायरिंग की और दूसरी गोली उनके दामाद यूपी गाजियाबाद निवासी संदीप गुप्ता के पैर में लग गयी. उन्हें तत्काल बेगूसराय के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.जहां उनका इलाज चल रहा है. पीड़ित अनुराधा देवी के पुत्र संतोष कुमार ने बताया कि हमलोग मदद के लिए चिल्लाते रहे,लेकिन किसी ने मदद नहीं की. थोड़ी दूर आगे बढ़ने पर चकिया थाना की गश्ती गाड़ी खड़ी थी लेकिन उसने भी मदद नहीं किया और आगे बढ़ गयी, इसका एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है.उन्होंने घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा- सिमरिया घाट में दूर-दूर से लोग आते हैं,लेकिन यहां तो कोई सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं है. घटना के बाद बिना नहाये ही डर के साये में पीड़ित परिवार वापस लौट गया.वहीं चकिया थानाध्यक्ष नीरज कुमार चौधरी अस्पताल पहुंचे और घायल से मिलकर आवश्यक जानकारी ली.

सिमरिया घाट पर सुरक्षा भगवान भरोसे

सिमरिया घाट पर आनेवाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा बिल्कूल भगवान भरोसे है.यहां अधिकांश घटना लूट, चोरी, दुकानदारों से रंगदारी की वसूली के कारण हो रही है. बेहतर पुलिसिंग के अभाव में अपराधियों के लिए सिमरिया सेफ जोन साबित हो रहा है.लोगों की मानें तो किशोर वय के अपराधियों की एक बड़ी खेप तैयार हो गयी है जो बात-बात पर गोली चलाने से भी परहेज नहीं करते हैं. यहां आने वाले बाहरी श्रद्धालु और दुकानदारों को साफ्ट टारगेट बना रखा है. लोगों में इतना भय है कि आधा से अधिक मामले थाना की दहलीज तक नहीं पहुंच पाते हैं. यही कारण है कि धार्मिक स्थल पर अपराधियों की सक्रियता बढ़ गयी है.यहां इस बात को भी समझने की जरूरत है कि अचानक अपराधियों के हौंसले बुलंद क्यों हो गये है. स्थानीय लोगों की मानें तो एक साजिश के तहत सिमरिया को फिर से पहले वाली स्थिति में पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.

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By Manish kumar

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