Begusarai News : महादलित, दलित, अल्पसंख्यक एवं अति पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना से जुड़े तालीमी मरकज शिक्षा सेवक और शिक्षा सेवक पिछले चार माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. शनिवार को नावकोठी में आयोजित बैठक में शिक्षा सेवकों ने सरकार से शीघ्र मानदेय भुगतान की मांग उठाई.
चार माह से भुगतान नहीं होने से बढ़ी परेशानी
बैठक को संबोधित करते हुए संघ के जिला अध्यक्ष सुजीत कुमार रजक ने कहा कि पिछले चार माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण सैकड़ों शिक्षा सेवकों के परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कई परिवारों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है.
शिक्षा सेवकों की जिम्मेदारियों का किया उल्लेख
सुजीत कुमार रजक ने कहा कि शिक्षा सेवक प्रतिदिन ड्रॉपआउट और चिन्हित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग देकर विद्यालय से जोड़ने का कार्य करते हैं. इसके अलावा शिक्षक की तरह ई-शिक्षाकोष पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करते हैं तथा कक्षा एक और दो के कमजोर बच्चों को पढ़ाते हैं. साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर उन्हें धरातल तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसके बावजूद लंबे समय से मानदेय का भुगतान नहीं होने से शिक्षा सेवकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
15 अगस्त से पहले भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
संघ के जिला कार्यकारिणी सदस्य आफताब आलम ने सरकार से 15 अगस्त से पहले बकाया मानदेय का भुगतान करने की अपील की. उन्होंने कहा कि यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया तो पूरे बिहार के शिक्षा सेवक आक्रोशपूर्ण आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.
बैठक में कई शिक्षा सेवक रहे मौजूद
बैठक में मो. अबुल कलाम, मो. सुभान, मो. खालिद, बाबू साहब रजक, दुखमोचन सदा, शंकर रजक, नाथो राम चौधरी, राजकुमार रजक, सलमा खातून, रेनू कुमारी सहित अन्य शिक्षा सेवक मौजूद रहे.
