तेघड़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत तेघड़ा नगर परिषद के वार्ड संख्या 28 स्थित संस्कृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय मधुरापुर में पिछले तीन-चार वर्षों से बाढ़ का पानी नहीं आने के बावजूद बाढ़ के कारण विद्यालय बंद है. इससे विद्यालय के पोषक क्षेत्र के विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं. विद्यालय में नामांकित 202 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित है. वहीं, 15 सितंबर मंगलवार से शुरू होने वाली अर्धवार्षिक परीक्षा से भी बच्चे वंचित हो गये.
5 अगस्त से बंद है विद्यालय
विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक मुनचुन कुमारी ने बताया कि उनका विद्यालय बाढ़ग्रस्त इलाके में पड़ता है. पूर्व में बाढ़ आने के कारण विद्यालय में छुट्टी होती थी. वर्ष 2025 में विद्यालय में बाढ़ के कारण छुट्टी नहीं हुई थी, लेकिन इस बार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से जारी पत्र में विद्यालय बंद करने की घोषणा की गयी.
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार, 5 अगस्त से विद्यालय बंद है. यहां के शिक्षकों को बाढ़ राहत शिविर में लगाया गया था. इसके बाद विद्यालय के शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालय तेघड़ा नंबर वन में टैग कर दिया गया.
विद्यालय में नौ शिक्षक और 202 विद्यार्थी
संस्कृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय मधुरापुर में 202 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जबकि विद्यालय में नौ शिक्षक हैं. स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहा है कि जब पिछले दो-तीन वर्षों से विद्यालय के पोषक क्षेत्र में बाढ़ का पानी नहीं आ रहा है, तो विद्यालय को अब तक बंद रखने से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान क्यों हो रहा है.
विद्यालय बंद रहने के कारण बच्चों की नियमित पढ़ाई बाधित हो रही है. वहीं, अर्धवार्षिक परीक्षा भी शुरू हो गयी है, जिससे विद्यालय के छात्र-छात्राएं परीक्षा से वंचित हो गये हैं.
पुन: अवलोकन कर शुरू किया जायेगा विद्यालय : बीइओ
इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राम उदय महतो ने बताया कि विद्यालय के पोषक क्षेत्र में बाढ़ आने के कारण उसे बंद कर दिया गया था. अब पुन: इसका अवलोकन किया जायेगा और स्थिति के अनुसार विद्यालय को शुरू किया जायेगा.
