Begusarai News : संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार पर वर्ष 2021 के ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दौरान किए गए वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है. मोर्चा ने कहा है कि यदि सरकार किसानों की मांगों और वादाखिलाफी के मुद्दे पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं करती है तो 26 नवंबर से राष्ट्रव्यापी किसान आंदोलन शुरू किया जाएगा. इसी क्रम में संयुक्त किसान मोर्चा की बेगूसराय जिला इकाई की ओर से राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत विभिन्न जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा गया. यह अभियान 17 से 25 नवंबर तक चलाया जा रहा है.
विधायकों और विधान पार्षद को सौंपा गया ज्ञापन
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल में किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष सह बेगूसराय के पूर्व विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह, पूर्व विधायक रामजतन सिंह, किसान काउंसिल के जिला सचिव दयानिधि चौधरी, बिहार राज्य किसान सभा जिला परिषद के सचिव दिनेश सिंह, किसान महासभा के जिला अध्यक्ष नवल किशोर सिंह और जिला सचिव बैजू सिंह सहित अन्य लोग शामिल थे. प्रतिनिधिमंडल ने तेघड़ा के विधायक रजनीश कुमार, बछवाड़ा के विधायक सुरेंद्र मेहता, मटिहानी के विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह, चेरिया बरियारपुर के विधायक अभिषेक आनंद तथा विधान पार्षद सर्वेश कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा.
सात सूत्री मांगों में एमएसपी गारंटी कानून प्रमुख
ज्ञापन के माध्यम से संयुक्त किसान मोर्चा ने कई राष्ट्रीय और स्थानीय मुद्दों को उठाया. प्रमुख मांगों में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को वापस लेने, सी2 प्लस 50 प्रतिशत के आधार पर एमएसपी की कानूनी गारंटी देने, किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने और कृषि संकट से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग शामिल है. मोर्चा ने उपजाऊ जमीन और अन्य राष्ट्रीय संसाधनों के दोहन पर रोक लगाने, जबरन भूमि अधिग्रहण के मामलों को समाप्त करने और खेतों व किसानों के हितों की रक्षा करने की भी मांग की.
श्रम कानून, भूमि अधिग्रहण और प्राकृतिक आपदा के मुद्दे भी उठे
संयुक्त किसान मोर्चा ने मजदूर विरोधी बताए जा रहे चार लेबर कोड को वापस लेने की मांग की. इसके अलावा संघीय अधिकारों की रक्षा, कॉरपोरेट के हाथों सत्ता और संसाधनों के बढ़ते केंद्रीकरण पर रोक तथा मेहनतकशों के हितों की सुरक्षा की मांग की गई. ज्ञापन में बाढ़ और सूखे से निपटने के लिए समुचित व्यवस्था करने, राहत कार्यों में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, ग्रामीण गृह कर और राजकीय पथकर से जुड़े मुद्दों के समाधान की भी मांग रखी गई.
खाद-बीज की किल्लत और जमाबंदी सुधार में धांधली पर जताई चिंता
मोर्चा ने जमाबंदी सुधार के दौरान कथित धांधली और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की. साथ ही वास-आवास, पुनर्वास और पर्चाधारियों की बेदखली से जुड़े मामलों पर भी कार्रवाई की मांग की गई. किसान संगठनों ने खाद और बीज की किल्लत तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए किसान आईडी कार्ड की बाध्यता समाप्त करने की भी मांग उठाई.
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कटाव पीड़ितों के पुनर्वास सहित स्थानीय मुद्दे भी शामिल
बेगूसराय संयुक्त किसान मोर्चा ने जिले के स्थानीय मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया. बछवाड़ा से साहेबपुर कमाल तक गंगा कटाव से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल कटाव निरोधक कार्य कराने और कटाव पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की मांग की गई. इसके अलावा बिनटोली की 850 एकड़ जमीन, कुसमहौत की 950 एकड़ उपजाऊ जमीन और मझौल कावर क्षेत्र की जमीन की रजिस्ट्री एवं खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटाने की मांग की गई. मोर्चा ने विभिन्न क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान की भी मांग की.
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मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि किसानों और मेहनतकशों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में 26 नवंबर से राष्ट्रव्यापी किसान आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा.
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