बेगूसराय में गलत खान-पान से बढ़ रहे हृदय रोगी, बच्चों को फास्ट फूड से बचने की सलाह

Begusarai News : डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी ने कहा कि गलत खान-पान और फास्ट फूड के कारण हृदय रोगियों की संख्या बढ़ रही है. स्वस्थ रहने के लिए आयुर्वेद और पुरानी जीवनशैली अपनाएं.

Begusarai News : राजकीय अयोध्या शिव कुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी ने कहा कि गलत खान-पान और बदलती जीवनशैली के कारण देश में हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने बच्चों को फास्ट फूड से बचने की सलाह दी. शहर के संस्कार वाटिका में हृदय रोग विषय पर आयोजित चिकित्सक-वैद्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने हृदय रोग के कारणों और बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की.

बदलती जीवनशैली से बढ़ रहा हृदय रोग का खतरा

प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान समय में लोगों का आहार तेजी से बदल रहा है. खान-पान की बदलती आदतों और अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों के सेवन के कारण हृदय रोगियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. उन्होंने फास्ट फूड और अन्य हानिकारक खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह देते हुए कहा कि लोगों को अपनी पुरानी जीवनशैली की ओर लौटना होगा.

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के आचार्यों द्वारा बताई गयी ऋतुचर्या और दिनचर्या को अपनाकर हृदय रोग से बचाव किया जा सकता है. नियमित और संतुलित आहार के साथ जीवनशैली में आवश्यक सुधार करना भी बेहद जरूरी है.

आयुष चिकित्सा का आने वाला समय : डॉ. दिलीप

जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिलीप कुमार वर्मा ने कहा कि आने वाला समय आयुष चिकित्सा का है. भारत सरकार और बिहार सरकार की ओर से जिस तेजी से आयुष चिकित्सा पद्धति के विकास पर काम किया जा रहा है, उससे आने वाले वर्षों में यह चिकित्सा पद्धति नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी.

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने आयुष चिकित्सा की सभी पद्धतियों आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है. इन प्रयासों से लोगों को बेहतर और समग्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.

Also Read : बेगूसराय के चार पंचायतों में अब भी बाढ़ का पानी, सड़कों पर जोखिम उठाकर आवागमन कर रहे लोग

हृदय रोग में लिपिड प्रोफाइल की उपयोगिता पर चर्चा

सम्मेलन में प्राध्यापक डॉ. रामनंदन साहनी ने हृदय रोग में लिपिड प्रोफाइल की चर्चा करते हुए इसे रोग की पहचान और प्रबंधन के लिहाज से उपयोगी बताया. उन्होंने हृदय रोग से बचाव के लिए खान-पान और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर भी प्रकाश डाला.

चिकित्सकों और वैद्यों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा क्षेत्र में योगदान के लिए कई चिकित्सकों एवं वैद्यों को सम्मानित किया गया. सम्मानित होने वालों में प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी, जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिलीप कुमार वर्मा, डॉ. लाल कौशल कुमार, डॉ. सुभाष चंद्र आर्य, डॉ. किश्वर सुल्ताना, डॉ. अनिल विश्वकर्मा, डॉ. उर्वशी सिन्हा, डॉ. राम नंदन साहनी और डॉ. दिनेश कुमार समेत कई चिकित्सक एवं वैद्य शामिल रहे. सम्मेलन में हृदय रोग से बचाव, आयुर्वेद की भूमिका और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया.

Also Read : बेगूसराय में एंबुलेंस कामगार यूनियन की बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा, दिवंगत चालक के आश्रित को मुआवजा और नौकरी की मांग


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >