फोटो/स्टोरी इनपुट - विकास कुमार
हाथ में चॉक-डस्टर और ब्लैकबोर्ड पर क्लास
बेगूसराय के वर्तमान जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री (Begusarai DM Shrikant Shastree) जब मटिहानी में निरीक्षण करने निकले, तो एक अलग ही नजारा देखने को मिला. प्रशासनिक रौब झाड़ने की जगह वे खुद हाथ में चॉक और डस्टर लेकर बच्चों के बीच पहुंचे और ब्लैकबोर्ड के पास खड़े होकर क्लास लेने लगे.
फोटो/स्टोरी इनपुट - विकास कुमार
सवाल-जवाब और पठन-पाठन का मूल्यांकन
इस दौरान डीएम ने स्कूल की कक्षाओं, पढ़ाई की व्यवस्था और छात्रों की गतिविधियों का भी जायजा लिया. उन्होंने कक्षाओं का संचालन देखा और विद्यार्थियों से विषय से जुड़े सवाल पूछकर उनकी समझ व शैक्षणिक स्तर का आकलन किया. शिक्षकों से बच्चों की उपस्थिति, पढ़ाई की स्थिति और उनकी प्रगति के बारे में जानकारी ली.
फोटो/स्टोरी इनपुट - विकास कुमार
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अधिकारियों को कड़ा निर्देश
उन्होंने साफ कहा कि केवल संसाधन उपलब्ध कराना ही काफी नहीं है, बल्कि उनका सही और प्रभावी उपयोग करना ज्यादा जरूरी है. बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, व्यावहारिक और उपयोगी शिक्षा मिलनी चाहिए. डीएम ने छात्रों को नियमित पढ़ाई, समय का सही सदुपयोग और जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया.
फोटो/स्टोरी इनपुट - विकास कुमार
सकारात्मक और उत्साहपूर्ण हुआ माहौल
डीएम का यह अलग अंदाज बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया. जिस तरह उन्होंने शिक्षक बनकर पढ़ाया और बच्चों से सीधे बातचीत की, उससे कक्षा का माहौल काफी सकारात्मक और उत्साहपूर्ण हो गया. उनकी इस सहज कार्यशैली और बच्चों के साथ सीधे जुड़ाव ने न केवल छात्रों को उत्साहित किया, बल्कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के प्रति एक नया और सकारात्मक संदेश भी दिया.
फोटो/स्टोरी इनपुट - विकास कुमार
पूर्व सीएम के चहेते अधिकारी माने जाते हैं वर्तमान जिलाधिकारी
श्रीकांत शास्त्री का बीते साल दिसंबर माह में नई सरकार के गठन के बाद बेगूसराय में पदस्थापन हुआ था. इससे पहले वे किशनगंज, औरंगाबाद आदि जिलों के जिलाधिकारी रह चुके हैं. नालंदा जिले के निवासी श्रीकांत शास्त्री मूल तौर पर बिहार इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी रहे हैं और B.Tech और MBA डिग्रीधारक हैं. वर्ष 2012 में उन्हें आईएएस में पदोन्नति मिली थी. वे पूर्व सीएम नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं.
