बेगूसराय जिले में 'वंदे मातरम' और 'जन गण मन' के गायन के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत कार्यक्रम की शुरुआत हुई. साल 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को जिला न्यायालय में किया गया.
इसका विधिवत उद्घाटन प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविशंकर, डीएलएसए के सचिव करुणानिधि प्रसाद आर्य, जिलाधिकारी रिची पांडेय और पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से किया. मामलों की सुनवाई के लिए कुल 20 पीठों का गठन किया गया था.
ट्रैफिक चालान में 50% छूट
डीएलएसए के सचिव करुणानिधि प्रसाद आर्य ने बताया कि इस बार ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों की सुनवाई मुख्य आकर्षण रही. सरकार और परिवहन विभाग के सहयोग से जनता को ट्रैफिक चालान की राशि में 50 प्रतिशत की छूट दी गई.
इसके निष्पादन के लिए दिनकर भवन (टाउन हॉल) में 3 अलग पीठें बनाई गई थीं, जहां लगभग 1300 मामलों का निष्पादन कर करीब 16 लाख रुपये की वसूली की गई.
कुल 8202 मामलों का निपटारा
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 8202 मामलों का निष्पादन दोनों पक्षों की सहमति से किया गया. इसमें 3536 आपराधिक मामले, परिवार न्यायालय के 13 मामले और रेलवे कोर्ट के 809 मामले शामिल हैं. वहीं, बैंक ऋण संबंधी 1670 मामलों में लगभग 9 करोड़ 74 लाख रुपये पर समझौता हुआ. अनुमंडल कोर्ट मंझौल से 53, बखरी से 54, बलिया से 88 और तेघड़ा कोर्ट से 59 मामले निष्पादित हुए.
पीठों का किया निरीक्षण
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए पीएलवी अरविंद कुमार, विनोद चौधरी, पंकज कुमार, मुरारी कुमार, विनोद कुमार, संजीत कुमार और शांतनु कुमार की तैनाती की गई थी. प्रभारी प्रधान जिला जज रविशंकर और डीएलएसए सचिव करुणानिधि प्रसाद आर्य ने सभी पीठों में जाकर मुआयना किया और लोगों की शिकायतें सुनकर उनका त्वरित निपटारा कराया.
बलिया अनुमंडल में 88 मामले निपटे
बलिया प्रतिनिधि के अनुसार, अनुमंडल व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित लोक अदालत में कुल 88 मामलों का निष्पादन किया गया. सहायक अभियोजन पदाधिकारी फिरोज अहमद ने बताया कि इसमें 56 आपराधिक मामले, एसडीओ कोर्ट से संबंधित धारा 107 के 15 मामले और नालसीवाद के 17 मामले शामिल हैं. मौके पर ब्रज किशोर मेहता, अमर भूषण सिंह, विजय चौधरी, मणिशंकर यादव सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे.
