बेगूसराय डीएम रिची पाण्डेय के निर्देश के आलोक में तेघड़ा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न अंग्रेजी दवा दुकानों में डीएसपी कृष्ण कुमार और अनुमंडल पदाधिकारी नीरज सिन्हा के नेतृत्व में ड्रग इंस्पेक्टर के द्वारा दवा दुकानों की जांच की गई. इस दौरान दवा विक्रेताओं द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित एवं नियंत्रित दवाओं की बिक्री से संबंधित नियमों के अनुपालन की गहनता से जांच की गई.
दस्तावेजों और स्टॉक का सत्यापन
जांच के दौरान दवा दुकानों में वैध औषधि लाइसेंस, आवश्यक अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर, उपलब्ध स्टॉक एवं निर्धारित स्टॉक लिमिट सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया गया. विशेष रूप से कोरेक्स सहित ऐसे कफ सिरप एवं अन्य दवाओं की बिक्री के संबंध में जांच की गई, जिनका चिकित्सकीय उपयोग के अलावा नशे के लिए दुरुपयोग किए जाने की संभावना रहती है.
अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देश
इस दौरान एसडीओ तेघड़ा नीरज कुमार सिन्हा ने सभी दवा विक्रेताओं को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि प्रतिबंधित एवं नियंत्रित दवाओं की बिक्री निर्धारित नियमों एवं वैध चिकित्सकीय पर्चे के आधार पर ही करें.
उन्होंने दवा दुकानदारों से आवश्यक अभिलेखों एवं स्टॉक का नियमित रूप से संधारण करने तथा किसी भी परिस्थिति में ऐसी दवाओं की बिक्री नहीं करने को कहा, जिनका अवैध अथवा नशीले पदार्थ के रूप में दुरुपयोग हो सकता है.
दो दुकानों की हुई जांच, नहीं मिली कोई अनियमितता
इस अभियान के तहत दो दवा दुकानों की जांच की गई, जिनमें विशाल मेडिकल (तारा अड्डा, बरौनी) तथा न्यू पांडव मेडिकल हॉल (मस्जिद चौक, तेघड़ा बाजार) शामिल हैं.
जांच के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक दवा अथवा अनियमितता नहीं पाई गई. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशीली एवं प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए इस प्रकार की जांच आगे भी जारी रहेगी.
