Begusarai News: सिमरिया-खगड़िया फोरलेन प्रोजेक्ट के अंतर्गत चकिया में एनएच-31 पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य के कारण क्षेत्र में रोजाना जाम की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है. सोमवार को भी चकिया में एनएच-31 पर भीषण ट्रैफिक जाम देखने को मिला, जिससे एनटीपीसी से लेकर चकिया थाना तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.
घंटों फंसे रहे एंबुलेंस व राहगीर, रेंगते दिखे वाहन
इस लंबे जाम के कारण आपातकालीन सेवाओं में लगी कई एंबुलेंस और आवश्यक कार्य से निकल रहे लोगों को घंटों फंसा रहना पड़ा. स्थिति ऐसी बन गई कि वाहनों के इंच भर भी आगे-पीछे हिलने की जगह नहीं बची थी. देर शाम तक वाहन रेंग-रेंग कर आगे बढ़ते रहे.
सर्विस लेन की बदहाली और भारी वाहनों का दबाव बना कारण
स्थानीय निवासियों के अनुसार, जाम का मुख्य कारण निर्माणाधीन सड़क की बदहाली और इस रूट पर बढ़ता गाड़ियों का अत्यधिक दबाव है. औंटा-सिमरिया सिक्सलेन परियोजना के तहत बनी सर्विस लेन काफी संकीर्ण और जर्जर हो चुकी है. बारिश के कारण सड़कों के गड्ढों में जलजमाव हो गया है, जिससे खासकर दोपहिया सवारों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा मंडरा रहा है.
इसके अलावा, भागलपुर में विक्रमशिला सेतु को पहुंचे नुकसान और मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु पर भारी वाहनों के नियमन के बाद इस मार्ग पर भारी व्यावसायिक वाहनों का दबाव अचानक काफी बढ़ गया है. आरओबी के सुपर स्ट्रक्चर लॉन्चिंग का काम समय से पूरा न होना भी समस्या को गंभीर बना रहा है.
यातायात पुलिस की कमी, थाना पुलिस पर दारोमदार
एनएच-31 के इस व्यस्ततम हिस्से पर स्थायी यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती न होने से जाम हटाने का पूरा दारोमदार चकिया थाना पुलिस पर ही रहता है. जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती है, तब तक वाहनों की कतार कई किलोमीटर लंबी हो चुकी होती है.
श्रावणी मेले में कांवड़ियों के आगमन से बढ़ सकती है आफत
स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि चकिया और बीहट में बन रहे आरओबी का काम शीघ्र पूरा नहीं किया गया और सर्विस लेन की मरम्मत नहीं हुई, तो आने वाले श्रावणी मेले में स्थिति और बेकाबू हो सकती है. कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ने पर इस रूट पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप होने की आशंका जताई जा रही है.
