राजनीति के आगे नहीं झुकेगा साहित्य : राजेंद्र राजन

प्रगतिशील लेखक संघ के 90वें स्थापना दिवस एवं राहुल सांस्कृत्यायन की जयंती के अवसर पर प्रलेस बेगूसराय की ओर से कर्मचारी भवन के सभागार में परिचर्चा सह कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया.

बेगूसराय. प्रगतिशील लेखक संघ के 90वें स्थापना दिवस एवं राहुल सांस्कृत्यायन की जयंती के अवसर पर प्रलेस बेगूसराय की ओर से कर्मचारी भवन के सभागार में परिचर्चा सह कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया. अध्यक्षता डॉ सीताराम प्रभंजन ने की. संचालन सगुफ्ता ताजवर ने किया. परिचर्चा में अपनी बातों को रखते हुए प्रलेस के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र राजन ने कहा कि आज प्रलेस स्थापना के 90 वर्ष पूरे हुए. सभी व्यवस्थाओं का अंत कर सत्ता पर अपना आधिपत्य स्थापित करने का प्रयास किया, तब उस चेतना से निर्मित जो धारा प्रचलित हुई तो एक संगठन बना प्रलेस जो 1936 में स्थापित हुई. फासीवाद जब दुनिया पर हावी होगा तो निश्चित ही मानवता का नाश हो जायेगा. सज्जाद जहीर एवं मुंशी प्रेमचंद के नेतृत्व में यह संगठन बना. लखनऊ में नौ अप्रैल को इसकी स्थापना हुई. इसने धार्मिक विभाजनता को तोड़ने का काम किया.

कर्मचारी भवन के सभागार में परिचर्चा सह कवि गोष्ठी का किया गया आयोजन

यही कारण है कि देश में साहित्य क्रांति हुई. आज साहित्य को बचाने की जरूरत है. आज धर्म के आधार पर बंटवारा करने का प्रयास चल रहा है. आज समाज में फैल रहे नफरत को कैसे रोके इसकी बड़ी जिम्मेवारी हमारे ऊपर है. साहित्य राजनीति के आगे कभी झुकेगा नहीं. हमें राहुल सांस्कृत्यायन को पढ़ना चाहिये. डॉ रामरेखा ने कहा कि राहुल सांस्कृत्यायन ने वोल्गा से गंगा में मानव विकास के 600 ई पू की बातों पर प्रकाश डाला. उस समय कोई तेरा मेरा नहीं किया करते थे, वे जातिप्रथा, दासप्रथा इस प्रकार की बातें आर्य समाज की देन बताते थे. डॉ सीताराम प्रभंजन ने कहा कि राहुल सांस्कृत्यायन ने सभी भाषाओं को बचाने का काम किया. हमारी राजनीति पूंजीपति के आधार पर बंटती जा रही है. जबतक नए बाजार, नये राजनीति को नहीं समझेंगे तो बिखड़ जायेंगे. दूसरे सत्र के काव्य गोष्ठी में सगुफ्ता ताजवर, प्रभा कुमारी, स्वाति गोदर, प्रेमचंद मिश्र, अमर शंकर झा, नरेन्द्र कुमार सिंह, कुंदन कुमारी, अमन कुमार शर्मा, राजनारायण राय, कवि देवेंद्र, अवनीश राजन ने अपनी कविताओं का पाठ किया. अंत में स्मृतिशेष कीर्ति नारायण मिश्र को श्रद्धांजलि देते हुए उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर चर्चा की गयी. धन्यवाद ज्ञापन प्रलेस जिला सचिव कुंदन कुमारी ने किया. इस अवसर पर प्रलेस राज्य सचिव राम कुमार सिंह, शिक्षक रामचंद्र सिंह, विप्लवी पुस्तकालय के उपाध्यक्ष भूषण सिंह, संयुक्त सचिव राम बहादुर यादव, कर्मचारी जिला मंत्री मोहन मुरारी, शंकर मोची, शिक्षक अमित कुमार आदि उपस्थित थे.

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By Manish kumar

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