Begusarai News : जीविका दीदियां अब अपने संघर्ष और सफलता की कहानी खुद लिखकर समाज के सामने रखेंगी. उनके अनुभव और उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से उन्हें कहानी लेखन, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और संचार माध्यमों के बेहतर उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसी कड़ी में शनिवार को खोदावंदपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित जीविका सीएमसीटी सभागार में जीविका दीदियों एवं कैडरों के उन्मुखीकरण को लेकर कार्यशाला आयोजित की गयी.
सफलता की कहानी और केस स्टडी तैयार करने के सिखाये गुर
कार्यशाला में प्रतिभागियों को सफल कहानियां और केस स्टडी तैयार करने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी गयी. साथ ही फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से किसी उपलब्धि, बदलाव या प्रेरक कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के गुर सिखाये गये. प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों के माध्यम से संवाद, कहानी लेखन और प्रस्तुतीकरण का अभ्यास किया तथा अपने अनुभव भी साझा किये. कार्यशाला में संचार के राज्य परियोजना प्रबंधक पवन कुमार प्रियदर्शी, संचार प्रबंधक राजीव रंजन, यंग प्रोफेशनल मारुत नंदन, कम्युनिकेशन कंसल्टेंट अलका कुमारी एवं खोदावंदपुर के बीपीएम मनोज कुमार मौजूद रहे.
अनुभवों को समाज तक पहुंचाने की जरूरत : पवन प्रियदर्शी
राज्य परियोजना प्रबंधक पवन कुमार प्रियदर्शी ने कहा कि जीविका दीदियां आज सामाजिक और आर्थिक बदलाव की मिसाल बन चुकी हैं. उनके संघर्ष, अनुभव और सफलता की कहानियों को समाज के सामने लाने की जरूरत है, ताकि दूसरी महिलाएं भी उनसे प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकें. उन्होंने कहा कि अपनी कहानी स्वयं लिखने और प्रस्तुत करने से जीविका दीदियों की उपलब्धियों को व्यापक पहचान मिलेगी. उनके अनुभव समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरणा का माध्यम बन सकते हैं.
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया की भूमिका बतायी
कम्युनिकेशन कंसल्टेंट अलका कुमारी ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने इन माध्यमों के सकारात्मक और प्रभावी उपयोग के तरीके बताये. साथ ही जीविका दीदियों को अपनी उपलब्धियों और सामुदायिक बदलाव की कहानियों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए संचार माध्यमों का बेहतर इस्तेमाल करने की जानकारी दी.
समूह गतिविधियों से किया प्रस्तुतीकरण का अभ्यास
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों में हिस्सा लेकर संवाद, कहानी लेखन और प्रस्तुतीकरण का अभ्यास किया. इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव साझा किये और अपनी कहानियों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की बारीकियां सीखीं. कार्यशाला का संचालन संचार प्रबंधक राजीव रंजन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन बीपीएम मनोज कुमार ने किया. मौके पर बड़ी संख्या में कम्युनिटी मोबिलाइजर, जीआरपी, एमआरपी सहित जीविका से जुड़े अन्य कर्मी एवं प्रतिभागी मौजूद रहे.
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