Begusarai News : दहेज प्रताड़ना के एक मामले में बखरी व्यवहार न्यायालय ने पति को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने अभियुक्त पर जुर्माना भी लगाया है.
नावकोठी थाना के मामले में सुनाया गया फैसला
शनिवार को नावकोठी थाना कांड संख्या 13/2013 और जीआर संख्या 716/13 की सुनवाई के दौरान एसीजेएम मनोज कुमार सिंह की अदालत ने राज्य बनाम संतोष साह मामले में फैसला सुनाया. न्यायालय ने अभियुक्त संतोष साह को भारतीय दंड संहिता की धारा 498(ए) के तहत दोषी पाया.
तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना
अदालत ने संतोष साह को तीन वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.
मारपीट के मामले में भी मिली सजा
मारपीट से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धारा 323 के तहत भी अदालत ने संतोष साह को छह माह के साधारण कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माना नहीं देने की स्थिति में अभियुक्त को 15 दिनों का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा.
तीन गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन पदाधिकारी मयंक श्रीवास्तव ने पक्ष रखा. अभियोजन की ओर से मामले की सूचक शोभा देवी समेत तीन गवाहों की गवाही कराई गई. गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार दिया.
एक दशक से अधिक समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया
अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता राजकुमार ने न्यायालय में पक्ष रखा. दहेज प्रताड़ना से जुड़े इस मामले में करीब एक दशक से अधिक समय तक न्यायिक प्रक्रिया चलने के बाद अदालत के फैसले के साथ मामले का निपटारा हुआ.
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