Begusarai Flood : जैसे-जैसे घट रहे गंगा के जलस्तर से बेगूसराय के बलिया प्रखंड के दियारा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है. दियारा क्षेत्र की लगभग सभी प्रमुख सड़कों पर अब भी तीन से चार फीट तक बाढ़ का पानी फैला हुआ है.
इसके कारण ग्रामीणों का सामान्य आवागमन पूरी तरह बहाल नहीं हो सका है. सोमवार को भी दियारा क्षेत्र के लोगों को जरूरी कार्यों के लिये नाव के सहारे प्रखंड मुख्यालय सहित अन्य स्थानों तक पहुंचना पड़ा है.
सड़कों पर पानी और नावों का परिचालन
जलस्तर में कमी के बावजूद सड़कों पर पानी जमा रहने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई गांवों का सीधा सड़क संपर्क अभी भी प्रभावित है. ग्रामीणों का कहना है कि पानी घटने की रफ्तार धीमी है और आवागमन के लिये नाव ही एकमात्र सुरक्षित साधन बना हुआ है. स्थिति को देखते हुये प्रशासन की ओर से सोमवार को भी दियारा क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में 65 नावों का परिचालन कराया गया.
इन नावों के माध्यम से ग्रामीणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में मदद मिल रही है. प्रशासन का कहना है कि जब तक सड़कों से पानी पूरी तरह नहीं उतर जाता, तब तक नावों का परिचालन जारी रखा जायेगा.
सीओ का बयान और कम्युनिटी किचन की स्थिति
इस संबंध में सीओ आकाश कुमार ने बताया कि गंगा के जलस्तर में लगातार कमी हो रही है. इसके बावजूद दियारा क्षेत्र में आवागमन को सुचारू रखने के लिये सोमवार को 65 नावों का परिचालन कराया गया है.
उन्होंने बताया कि जलस्तर में कमी को देखते हुये सोमवार से गांवों में संचालित कम्युनिटी किचन बंद कर दिये गये हैं. जबकि सनहा-गोरगामा बांध पर संचालित तीनों कम्युनिटी किचन चालू हैं. उन्होंने कहा कि स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुये है.
कम्युनिटी किचन बंद होने पर ग्रामीणों का आक्रोश
गंगा के जलस्तर में कमी को देखते हुये प्रशासन ने सोमवार से दियारा क्षेत्र के गांवों में संचालित कम्युनिटी किचन बंद कर दिये हैं.
कम्युनिटी किचन बंद किये जाने से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों का कहना है कि अभी दियारा क्षेत्र में बाढ़ का पानी पूरी तरह नहीं उतरा है. कई इलाकों में तीन से चार फीट पानी सड़कों पर जमा है.
ऐसे में कम्युनिटी किचन बंद करना उचित नहीं है. बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि कम्युनिटी किचन के माध्यम से उन्हें दोनों समय भोजन मिल रहा था.
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गांवों से बाढ़ का पानी पूरी तरह नहीं उतर जाता, तब तक कम्युनिटी किचन का संचालन जारी रखा जाना चाहिये. हालांकि सनहा-गोरगामा बांध के तुलसी टोल, शादीपुर ढाला और चेचियाही बांध पर शरण लिये बाढ़ पीड़ितों तथा पशुपालक किसानों के लिये कम्युनिटी किचन का संचालन अभी भी जारी है.
