गंगा का पानी घट जरूर रहा है लेकिन बाढ़ प्रभावित लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है. प्रशासन के द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों की सुविधा एवं सुरक्षा के तमाम वादे खोखले साबित हो रहे हैं.
इसी बीच मंगलवार को तेघड़ा प्रखंड के बरौनी दो पंचायत और निपनियां मधुरापुर पंचायत सहित तेघड़ा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 26 के सैकड़ों की संख्या में बाढ़ प्रभावित लोगों के द्वारा तेघड़ा प्रखंड सह अंचल कार्यालय का घेराव किया गया. प्रखंड कार्यालय में प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी के अनुपस्थित रहने की जानकारी मिलते ही बाढ़ प्रभावित लोग आक्रोशित होकर अधिकारियों के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे.
जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में एसडीएम से मुलाकात
बरौनी दो पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सह मंडल अध्यक्ष देवराज सिंह, सरपंच प्रतिनिधि सियाराम यादव, निपनियां मधुरापुर पंचायत के मुखिया चंद्रभूषण सिंह और तेघड़ा नगर परिषद वार्ड 26 के वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अमित कुमार इतवारी के नेतृत्व में लोगों ने तेघड़ा एसडीओ नीरज कुमार सिन्हा से मिलकर बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं रखीं. देवराज सिंह ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक किचन, पशुचारा, मेडिकल, लाइटिंग, चलंत शौचालय, पेयजल व सुरक्षा की अविलंब समुचित व्यवस्था किए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि आपदा त्रासदी की इस घड़ी में सीओ द्वारा फोन नहीं उठाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है. बाढ़ पीड़ित लोग रोज घुट-घुट कर मर रहे हैं और मजबूर, निस्सहाय लोग आखिर कहां जाएं.
पन्नी और बाढ़ सहायता राशि की मांग
सरपंच प्रतिनिधि ने बाढ़ प्रभावितों के लिए पर्याप्त मात्रा में पॉलीथिन शीट (पन्नी) उपलब्ध कराने की मांग की. इसके साथ ही बाढ़ प्रभावितों को अभिलंब बाढ़ सहायता राशि देने की भी मांग की गई. सरपंच प्रतिनिधि ने अंचल अधिकारी दीपक कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते पंचायत के बाढ़ प्रभावित लोग अपनी मांगों को लेकर आते हैं, लेकिन उनकी समस्या के समाधान के लिए जब सीओ तेघड़ा को फोन किया जाता है तो वह फोन उठाना मुनासिब नहीं समझते.
घर क्षतिपूर्ति और नाव से निरीक्षण की मांग
निपानियां मथुरापुर पंचायत के मुखिया ने एसडीएम से बाढ़ के दौरान लोगों के घर क्षतिग्रस्त होने पर उसकी आर्थिक सहायता राशि मुहैया कराने की मांग की. साथ ही अंचल अधिकारी से अविलंब सभी बाढ़ प्रभावित वार्डों में नाव से निरीक्षण करने की मांग की, ताकि वास्तविक रूप से बाढ़ से प्रभावित लोगों की स्थिति का सही आकलन हो सके.
इस मौके पर कामदेव यादव, जनार्दन यादव, श्याम किशोर छोटे, गणपति झा एवं अभिनव कुमार अंकू आदि लोग मौजूद थे.
