Begusarai News : बेगूसराय जिले में गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है. इसके कारण साहेबपुरकमाल से लेकर बछवाड़ा तक और पूरे शाम्हो प्रखंड में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. जलस्तर बढ़ने से दियारा क्षेत्रों में पानी फैलने लगा है, वहीं किसानों के खेतों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी रही तो शाम्हो, साहेबपुरकमाल, बलिया, मटिहानी, बरौनी, तेघड़ा और बछवाड़ा के निचले इलाकों में स्थिति गंभीर हो सकती है. पानी बढ़ने के साथ गंगा प्रभावित क्षेत्रों के लोगों में दहशत का माहौल है.
शाम्हो की 50 हजार आबादी पर मंडराया बाढ़ का खतरा
शाम्हो प्रखंड में गंगा और किऊल नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर होने लगी है. निचले इलाकों में पानी का फैलाव शुरू हो गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है. यदि पानी बढ़ने की रफ्तार इसी तरह जारी रही तो प्रखंड क्षेत्र की करीब 50 हजार की आबादी पर बाढ़ का संकट गहरा सकता है. पानी के शुरुआती प्रवाह के कारण मवेशियों के चारे की भी किल्लत होने लगी है. खेतों में पानी फैलने से पशुपालक चिंतित हैं और मवेशियों को ऊंचे स्थानों पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं. बाढ़ की आहट को देखते हुए स्थानीय लोग बाजारों से राशन और अन्य जरूरी सामान जुटाने में लगे हैं. शाम्हो प्रखंड जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित है.
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33 नावों की व्यवस्था, राहत सामग्री का पर्याप्त स्टॉक
अंचलाधिकारी रजनीश कुमार ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. लिखित रूप से 33 नावों की व्यवस्था की गयी है. राहत सामग्री के लिए पर्याप्त संख्या में तिरपाल भी स्टॉक में उपलब्ध है. पानी का स्तर बढ़ने के साथ जरूरत के अनुसार राहत सामग्री का वितरण शुरू किया जायेगा.
तेघड़ा में भी तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
तेघड़ा प्रखंड क्षेत्र में भी गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. गुरुवार देर रात करीब एक से डेढ़ फीट पानी बढ़ने की बात सामने आयी है. इससे गंगा के आसपास रहने वाले किसानों की चिंता बढ़ गयी है. रातगांव पंचायत के भगवानपुर चक्की के निचले इलाकों और आधारपुर पंचायत के अजगरबर के समीप गुप्ता बांध तक पानी पहुंच गया है. तेघड़ा के प्रसिद्ध अयोध्या मिथिला गंगा घाट तक जाने वाले रास्ते पर भी बाढ़ का पानी फैल गया है. गंगा का पानी गुप्ता बांध तक पहुंचने के बाद स्थानीय नाविकों ने नाव का परिचालन शुरू कर दिया है. अयोध्या मिथिला गंगा घाट पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले लोगों को अब घाट तक जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है.
सैकड़ों एकड़ में लगी फसल और पशुचारा डूबा
गंगा के बाढ़ का पानी महादेव घाट और बजलपुरा घाट के समीप गुप्ता बांध तक पहुंच गया है. इसके कारण करीब सैकड़ों एकड़ में लगी मक्का, जनेर और ढैंचा की फसल तथा पशुचारा पानी में डूब गया है. बरौनी-दो पंचायत और निपनिया-मधुरापुर पंचायत के सीढ़ी घाट के आसपास भी स्थिति ऐसी ही बनी हुई है. किसान खेतों में लगी मक्का और जनेर की फसल को किसी तरह काटकर पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में फसल के साथ-साथ पशुओं के लिए चारे की भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है.
राहत और बचाव की व्यवस्था की मांग
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि फिलहाल बाढ़ की आशंका के बीच किसानों और पशुपालकों के लिए प्रखंड स्तर पर कोई विशेष सुविधा नजर नहीं आ रही है. बरौनी-दो पंचायत की मुखिया मौसम कुमारी, मंडल अध्यक्ष सह मुखिया प्रतिनिधि देवराज सिंह, मुखिया चंद्रभूषण सिंह, चेयरमैन प्रतिनिधि कन्हैया कुमार, जिला परिषद सदस्य प्रवीण शेखर और कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष श्रवण कुमार ने तेघड़ा एसडीओ, बीडीओ और सीओ से तत्काल आवश्यक व्यवस्था करने की मांग की है. जनप्रतिनिधियों ने दियारा क्षेत्र के किसानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, पशुओं और पशुपालकों के लिए राहत शिविर बनाने तथा मेडिकल सुविधा, भोजन, शौचालय, रोशनी और पेयजल की व्यवस्था कराने की मांग की है. साथ ही विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति कर स्थिति पर नजर रखने और तत्काल राहत कार्य शुरू कराने की मांग की गयी है.
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