बायोचार व बायो फर्टिलाइजर का उपयोग करें किसान : गिरिराज सिंह

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को गंगा ग्लोबल एमबीए कॉलेज के सभागार में नाबार्ड, कृषि व कोपरेटिव के अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें दरभंगा स्नातक क्षेत्र से एमएलसी सर्वेश कुमार भी मौजूद रहे.

बेगूसराय. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को गंगा ग्लोबल एमबीए कॉलेज के सभागार में नाबार्ड, कृषि व कोपरेटिव के अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें दरभंगा स्नातक क्षेत्र से एमएलसी सर्वेश कुमार भी मौजूद रहे. बैठक में जिले की मिट्टी में कार्बन की मात्रा कम रहने व रासायनिक खाद के उपयोग को कम करने को लेकर बायोचार व बायो फर्टिलाइजर के उपयोग को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श किया गया. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि जिले की मिट्टी में कार्बन सिर्फ 0.5 फीसदी है. जहां बाढ पानी नहीं आता है वहां यह घट कर 0.3 फीसदी तक पहुंच जाता है. उन्होंने कहा कि उपजाऊ भूमि में मानक के अनुसार डेढ़ से तीन फीसदी कार्बन होना जरूरी है. मसलन यहां की मिट्टी बीमारी हो चुकी है. इसका उपचार हम बायोचार व बायो फर्टिलाइजर के उपयोग से कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमने 2030-31 तक 50 हजार टन बायोचार व बायो फर्टिलाइजर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके पूरा होने पर रासायनिक खाद का उपयोग 50 फीसदी तक कम हो जायेगा. उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से बायोचार व बायो फर्टिलाइजर के उत्पादन में वृद्धि को लेकर सक्रिय भूमिका निभाने को कहा. उन्होंने इसको लेकर किसानों में जागरूकता अभियान चलाने को कहा. दरभंगा स्नातक क्षेत्र से एमएलसी सर्वेश कुमार ने कहा कि जिले में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर जमीन में खेती होती है और एक लाख 20 हजार टन रासायनिक खाद का उपयोग होता है. उन्होंने बताया कि रासायनिक खाद के अधिक उपयोग से यहां की मिट्टी दिनानुदिन बीमार होती जा रही है. उन्होंने कहा कि मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को बढ़ाने के लिए कार्बन में वृद्धि निहायत जरूरी है. इसी के मद्देनजर नजर गंगा डेयरी परिसर में बायोचार का व्यवसायिक यूनिट लगाया गया है जो बिहार का संभवत: पहला यूनिट है. देश के कर्नाटक व आंध्र प्रदेश इस मामले में आगे चल रहे हैं. उन्होंने बताया कि बायोचार व बायो फर्टिलाइजर का निर्माण रोक फास्फेट, बेसाल्ट पाउडर, गोबर, फ्लाई ऐश, बायोचार व बैक्टीरिया समूह को मिलाने से तैयार होता है. उन्होंने बताया कि बायोचार को बनाने के लिए हवा की अनुपस्थिति में लकड़ी को जलाकर कार्बन तैयार किया जाता है. बैठक में नाबार्ड के उपमहाप्रबंधक लक्ष्मण कुमार (पटना), सहायक महाप्रबंधक नाबार्ड (पटना) नवीन चन्द्र झा, नाबार्ड के डीडीएम (बेगूसराय) आभा कुमारी, नाबार्ड के डीडीएम (खगड़िया) पूजा भारती, नाबार्ड के डीडीएम (मुंगेर) सुजीत कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी सहित कोपरेटिव के अधिकारी व एफपीओ से जुड़े किसान उपस्थित थे.

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By MANISH KUMAR

MANISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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