नावकोठी में मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत बन रहे पुल में अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों ने काम रोका

Begusarai News : नावकोठी में बन रहे डुमरिया-मुसमारा पुल में भारी अनियमितता का आरोप. ग्रामीणों ने घटिया निर्माण के विरोध में काम रुकवाया, जांच की मांग की.

Begusarai News : नावकोठी प्रखंड में बिहार सरकार की मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत बन रहे पुल के निर्माण में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है. पहसारा पूर्वी पंचायत में जेबीडब्ल्यू ईंट उद्योग के समीप डुमरिया-मुसमारा पुल का निर्माण कराया जा रहा है. भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश कुमार महतो ने बताया कि पुल की लंबाई 18.300 मीटर है और इसमें कुल तीन स्पैन हैं. पुल के निर्माण की प्राक्कलित राशि 82 लाख 60 हजार 716 रुपये है.

स्लैब सड़क के लेवल से नीचे ढालने का लगाया आरोप

भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश कुमार महतो के नेतृत्व में कौशल महतो, सुनील रजक, सूरज कुमार, शशि कुमार, सोनेलाल पासवान सहित दर्जनाधिक ग्रामीण रविवार को निर्माण स्थल पर पहुंचे. ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को काम करने से रोक दिया.

ग्रामीणों का आरोप है कि पुल का स्लैब सड़क के लेवल से करीब डेढ़ फीट नीचे ढालने की तैयारी की जा रही है. इससे भविष्य में दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुल के बीच ऊंचाई में अंतर होने से आवागमन में परेशानी होगी.

विरोध करते स्थानीय

पिलर और आरसीसी दीवार की गुणवत्ता पर भी सवाल

ग्रामीणों ने पुल के पिलर और सपोर्टिंग आरसीसी दीवार की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया है. उनका आरोप है कि निर्माण में मानक के अनुरूप सरिया और सीमेंट का उपयोग नहीं किया जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि से बन रहे पुल के निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए.

लोगों ने बताया कि स्लैब सड़क से नीचे रहने पर बरसात के दिनों में पानी जमा होने की आशंका रहेगी. इससे पुल पर आवागमन बाधित हो सकता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ेगा.

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पुल निर्माण की जांच कराने की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों से पुल निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है. साथ ही स्लैब को सड़क के लेवल तक करने और पिलर सहित अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार कराने की मांग की गयी है.

पहले भी सड़क-पुलिया निर्माण में सामने आ चुकी है समस्या

ग्रामीणों ने बताया कि इससे पूर्व मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस सड़क का निर्माण कराया गया था. मुसमारा के निकट संवेदक ने बिना पुलिया का निर्माण किए सड़क को पुल के दोनों छोर तक लाकर छोड़ दिया था. इससे पुल और सड़क के बीच करीब दो से तीन फीट का ऊंचाई का अंतर रह गया था.

ग्रामीणों के अनुसार, पुराने पुलिया से गुजरने वाले कई बाइक सवार और चारपहिया वाहन दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं. इसके बाद ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया था.

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पुराने अनुभव के बाद शुरू कराया गया था नये पुल का निर्माण

ग्रामीणों के आवेदन पर विभागीय पदाधिकारी ने उक्त स्थल का निरीक्षण किया था. इसके बाद यहां नये पुल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करायी गयी. अब जबकि पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, ग्रामीणों को आशंका है कि यदि पुल का स्लैब सड़क के स्तर से नीचे रखा गया तो पुरानी समस्या जस की तस बनी रहेगी.

ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से मौके पर जांच कर निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने और भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए पुल का निर्माण सड़क के उचित स्तर पर कराने की मांग की है.

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By शकील बेग

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