बेगूसराय में स्वतंत्रता सेनानियों के नाम मिटने पर चिंता, शिलापट्ट के संरक्षण की मांग

Begusarai News : बखरी में स्वतंत्रता सेनानियों के मिटते नामों को लेकर भाजयुमो ने बीडीओ को सौंपा ज्ञापन, शिलापट्ट के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की पुरजोर मांग की.

Begusarai News : बखरी प्रखंड कार्यालय परिसर में स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में स्थापित शिलापट्ट पर अंकित नाम समय के साथ धुंधले और मिटते जा रहे हैं. इसे लेकर स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को संरक्षित करने की मांग तेज हो गई है. भारतीय जनता युवा मोर्चा के बखरी नगर अध्यक्ष प्रिंस कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार मुकेश को आवेदन सौंपकर शिलापट्ट के संरक्षण, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की मांग की.

शिलापट्ट पर अंकित हैं स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों के नाम

आवेदन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान शिलापट्ट की वर्तमान स्थिति की ओर आकृष्ट कराया गया. प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थापित इस शिलापट्ट पर बखरी क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों के नाम अंकित हैं. भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह शिलापट्ट केवल पत्थर पर लिखे नामों का संग्रह नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष, त्याग और बलिदान की महत्वपूर्ण स्मृति है. उचित रखरखाव के अभाव में शिलापट्ट पर अंकित कई नाम धुंधले पड़ गए हैं और कुछ नाम मिटते जा रहे हैं. इससे स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और उनके त्याग की पहचान प्रभावित होने की चिंता जताई गई है.

मिटे हुए नामों को प्रमाणिक रूप से दोबारा अंकित करने की मांग

भाजयुमो नगर अध्यक्ष प्रिंस कुमार सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान देश के इतिहास के साथ-साथ बखरी के स्थानीय इतिहास का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है. उनके नाम और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को देश की आजादी के लिए किए गए आंदोलन, त्याग और बलिदान की जानकारी देते हैं. उन्होंने कहा कि शिलापट्ट पर अंकित नामों का मिटना गंभीर चिंता का विषय है. प्रशासन से मांग की गई कि शिलापट्ट का शीघ्र निरीक्षण कराया जाए और जिन स्वतंत्रता सेनानियों के नाम मिट गए हैं, उन्हें प्रमाणिक दस्तावेजों के आधार पर दोबारा अंकित कराया जाए.

साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण की भी उठाई मांग

प्रतिनिधिमंडल ने शिलापट्ट की साफ-सफाई, आवश्यक मरम्मत, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण की व्यवस्था कराने की मांग की. उनका कहना है कि उचित संरक्षण से इस ऐतिहासिक स्मृति-चिह्न को आने वाले वर्षों तक सुरक्षित रखा जा सकता है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को संरक्षित करना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और नई पीढ़ी का भी दायित्व है. ऐसे ऐतिहासिक स्मृति-चिह्नों को सुरक्षित रखकर ही युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जोड़ा जा सकता है.

भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने की शीघ्र कार्रवाई की मांग

भाजयुमो प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करते हुए शिलापट्ट को संरक्षित करने की अपील की. इस मौके पर भाजयुमो महामंत्री अनुराग केसरी, नगर उपाध्यक्ष आदित्य राज, विशाल कुमार, सागर कुमार, मंगलेश कुमार, राजा कुमार और अमन कुमार समेत अन्य लोग मौजूद थे.

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By Vikash Kumar

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