बेगूसराय से आकाश कुमार की रिपोर्ट
Begusarai News : बेगूसराय थाना क्षेत्र की नारायणपीपड़ पंचायत के सोनापुर वार्ड संख्या-14 में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई. पशुओं के चारे की नाद में कथित तौर पर छिपाकर रखी गई संदिग्ध विस्फोटक सामग्री के फटने से एक भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई. विस्फोट इतना तेज था कि भैंस का जबड़ा और मुंह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है.जानकारी के अनुसार, सोनापुर निवासी पशुपालक प्रमोद महतो रोज की तरह सुबह अपनी भैंस को चारा खिलाने के लिए नाद के पास ले गए. जैसे ही भैंस ने चारा खाने के लिए मुंह नाद में डाला, अचानक जोरदार धमाका हो गया.
धमाके के बाद तड़पती रही भैंस, पशुपालक ने लगाया साजिश का आरोप
विस्फोट की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे. भैंस दर्द से तड़प रही थी और उसके चेहरे व जबड़े का बड़ा हिस्सा गंभीर रूप से घायल हो चुका था. घायल भैंस का तत्काल स्थानीय पशु चिकित्सक से उपचार कराया गया. चिकित्सकों के अनुसार,पशु को गंभीर चोटें आई हैं और उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. पीड़ित पशुपालक प्रमोद महतो ने आरोप लगाया कि किसी अज्ञात असामाजिक तत्व ने जानबूझकर नाद में विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी थी. उन्होंने कहा कि यदि उस समय वहां कोई बच्चा या परिवार का सदस्य मौजूद होता तो बड़ा मानवीय हादसा भी हो सकता था.
ग्रामीणों में आक्रोश, दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की उठी मांग
पशुपालक ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने छौड़ाही थाना पुलिस को फोन से सूचना दी और बाद में स्वयं थाना जाकर पूरे मामले की जानकारी दी. इसके बावजूद पुलिस के घटनास्थल पर नहीं पहुंचने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि समय पर पुलिस पहुंचती तो घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा सकते थे. हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है. इसलिए पुलिस पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है. घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोषियों की जल्द पहचान कर कठोर कार्रवाई की मांग की.
बच्चे के हाथ लगता विस्फोटक तो हो सकता था बड़ा हादसा
ग्रामीणों का कहना है कि किसी बेजुबान पशु को इस तरह निशाना बनाना बेहद अमानवीय और निंदनीय है. उनका यह भी कहना है कि यदि यह विस्फोटक किसी बच्चे के हाथ लग जाता या खुले स्थान पर फट जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था इसलिए मामले की जांच केवल पशु क्रूरता के रूप में नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी की जानी चाहिए. फिलहाल नाद में विस्फोटक सामग्री किसने रखी और घटना के पीछे किसका हाथ है, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा. ग्रामीणों को उम्मीद है कि पुलिस वैज्ञानिक तरीके से जांच कर दोषियों को जल्द कानून के कटघरे तक पहुंचाएगी.
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