Begusarai News: (बिपिन राज की रिपोर्ट) बेगूसराय के सिमरिया स्थित ऐतिहासिक दिनकर पुस्तकालय के बादल भवन में बुधवार को एक भव्य समारोह के साथ 12 दिवसीय ‘मुचकुंद मोनू स्मृति ग्रीष्मकालीन नाट्य कार्यशाला’ का विधिवत उद्घाटन किया गया. प्रसिद्ध लोकगायक बलराम कुंवर के जन्मशती वर्ष को समर्पित इस कार्यशाला का आयोजन दिनकर पुस्तकालय सिमरिया और ग्लोबल आर्ट गढ़हरा के संयुक्त तत्वावधान तथा दिनकर अभिनय कला केंद्र के विशेष सहयोग से किया जा रहा है. उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता सूबे के वरिष्ठ नाट्य निर्देशक विश्वनाथ पोद्दार ने की.
नाट्य विधा से बच्चों में बढ़ेगा आत्मविश्वास और निखरेगा व्यक्तित्व: खेल पदाधिकारी
समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए बेगूसराय के जिला कला संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी ने कहा कि स्वर्गीय मुचकुंद मोनू की स्मृति में आयोजित यह नाट्य कार्यशाला बच्चों के लिए एक बेहतरीन मंच है. इसमें भाग लेने वाले तमाम छात्र-छात्राओं को नाट्य विधा के सभी तकनीकी स्वरूपों और बारीकियों को सीखने का सीधा अवसर मिलेगा. रंगमंच से जुड़ने पर बच्चों के भीतर का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उनके व्यक्तित्व का चौमुखी विकास होगा.
कला पहले अच्छा इंसान बनाती है, फिर कलाकार: गणेश गौरव
आकाशगंगा रंग चौपाल एसोसिएशन के सचिव व प्रख्यात रंग निर्देशक गणेश गौरव ने अपने संबोधन में कहा कि कोई भी कला मनुष्य को एक कलाकार बनाने से पहले एक संवेदनशील और अच्छा इंसान बनाती है. यह 12 दिवसीय कार्यशाला बच्चों के भीतर छिपी झिझक को दूर करने का काम करेगी.
वहीं, बाल रंगमंच के सचिव सह बीहट नगर परिषद के उपमुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार ने बच्चों को पूरी लगन और कौशल के साथ इस कार्यशाला से नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित किया. समारोह को प्रख्यात डेंटिस्ट डॉ. अभिषेक कुमार ने भी संबोधित किया और बच्चों का उत्साह बढ़ाया.
37 बच्चे सीख रहे हैं अभिनय के गुर, ये देंगे ट्रेनिंग
इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत आगत अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और स्वर्गीय मुचकुंद मोनू के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके की गई. इसके बाद आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया. इस समर वर्कशॉप में क्षेत्र के कुल 37 बाल व युवा प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिन्हें आने वाले 12 दिनों तक अभिनय, आवाज, और मंच संचालन की ट्रेनिंग दी जाएगी.
मुख्य प्रशिक्षक (ट्रेनर्स): कार्यशाला में बच्चों को प्रशिक्षित करने के लिए मुख्य रूप से राधे कुमार, रवि वर्मा, आनंद कुमार और धर्मवीर कुमार जैसे अनुभवी रंगकर्मी मौजूद रहेंगे.
इस गरिमामयी कार्यक्रम के सफल संचालन में कुंदन कुमार, प्रियव्रत कुमार, मोहित कुमार, शिवम कुमार और दिलखुश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. मौके पर कृष्ण कुमार शर्मा, विजय शंकर प्रसाद वर्मा, प्रफुल्ल कुमार प्रभाकर, प्रदीप कुमार, गजेंद्र कुमार, मिथिलेश कुमार, कृष्णनंदन यादव और विष्णुदेव राय सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी व ग्रामीण उपस्थित थे. कार्यक्रम के अंत में दिनकर पुस्तकालय के अध्यक्ष विश्वम्भर सिंह ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया.
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