विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर बेगूसराय से टोक्यो तक गूंजा 'पीरियड जागरूकता अभियान'

Begusarai News : बेगूसराय में विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर बेगूसराय के युवा विकास रंजन ने एक ऐसी सामाजिक पहल को नई पहचान दी है, जो अब गांवों से निकलकर विदेशों तक पहुंच चुकी है. मासिक धर्म से जुड़ी चुप्पी, झिझक और भ्रांतियों को खत्म करने के उद्देश्य से शुरू किया गया 'संगिनी अभियान' आज एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है.

Begusarai News : (विपिन कुमार मिश्र) बेगूसराय में विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर बेगूसराय के युवा विकास रंजन ने एक ऐसी सामाजिक पहल को नई पहचान दी है, जो अब गांवों से निकलकर विदेशों तक पहुंच चुकी है. मासिक धर्म से जुड़ी चुप्पी, झिझक और भ्रांतियों को खत्म करने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘संगिनी अभियान’ आज एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है. बेटियों के स्वास्थ्य, सम्मान और शिक्षा को केंद्र में रखकर शुरू हुई यह पहल अब देश-विदेश के लोगों और संस्थाओं को एक मंच पर जोड़ रही है.

गांवों की बेटियों के लिए शुरू हुई मुहिम ने बदली तस्वीर

नोबा जीएसआर द्वारा संचालित इस अभियान के तहत ग्रामीण विद्यालयों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन, इन्सिनरेटर और मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. यह अभियान अब देशभर के 725 से अधिक विद्यालयों तक पहुंच चुका है. लाखों किशोरियों को इससे सीधा लाभ मिल रहा है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है.

सिर्फ पैड नहीं, सोच बदलने की भी हो रही कोशिश

इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है. इसका उद्देश्य समाज में सोच बदलना और मासिक धर्म जैसे विषय पर खुलकर संवाद शुरू करना भी है. अब लोग इसे शर्म या झिझक का विषय नहीं बल्कि स्वास्थ्य, सम्मान और शिक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा मानने लगे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में भी लड़कियां अब पहले की तुलना में अधिक जागरूक हो रही हैं.

सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों का मिल रहा भरपूर साथ

इस सामाजिक अभियान को कई संस्थाओं और समाजसेवियों का सहयोग लगातार मिल रहा है. विशेष रूप से पीटीआई के सहयोग से विभिन्न विद्यालयों में बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए हैं. इससे ग्रामीण छात्राओं तक सुविधाएं तेजी से पहुंच सकी हैं. इसके अलावा आइआइटी एल्युमिनी समुदाय और कई सामाजिक संगठनों ने भी इस अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

बेगूसराय के 105 विद्यालयों तक पहुंची परियोजना

बेगूसराय जिला इस अभियान का सबसे मजबूत केंद्र बनकर उभरा है. जिले के 105 से अधिक विद्यालयों में यह परियोजना लागू की जा चुकी है. यहां छात्राओं को सस्ती और सम्मानजनक माहवारी स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. अभियान का लक्ष्य आने वाले समय में जिले के हर विद्यालय और पंचायत स्तर तक इस व्यवस्था को पहुंचाना है ताकि कोई भी बेटी मासिक धर्म के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से वंचित न रहे.

टोक्यो में रहकर भी गांवों से जुड़ा है विकास रंजन का दिल

नोबा जीएसआर के सह संस्थापक और बेगूसराय सदर प्रखंड के खम्हार निवासी विकास रंजन ने कहा कि वह भले ही टोक्यो में रह रहे हों, लेकिन उनका मन आज भी बिहार और बेगूसराय के गांवों से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि मासिक धर्म केवल महिलाओं का मुद्दा नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है. जब पुरुष, बच्चे, विद्यालय और समाज मिलकर आगे आएंगे, तभी सच में एक “पीरियड फ्रेंडली वर्ल्ड” बनाया जा सकेगा.

Also Read : उत्पाद टीम से बचने के चक्कर में स्कॉर्पियो ने एंबुलेंस में मारी जोरदार टक्कर, बीमार बच्चे की मौत, मची अफरा-तफरी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Vivek Singh

विवेक सिंह माता सीता की धरती और मिथिला का द्वार कहे जाने वाले समस्तीपुर जिले से आते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले #The_Newsdharma के साथ डिजिटल मीडिया, ग्राउंड रिपोर्टिंग , और न्यूज़ लेखन के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव रहा है. सामाजिक, राजनीतिक, शिक्षा, युवा, महिला सुरक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं. सरल, तथ्यात्मक और प्रभावी लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण खबरें और मुद्दे पहुंचाने का निरंतर प्रयास करते हैं. NGO अमर शहीद बिपिन सिंह फाउंडेशन के साथ जुड़कर सामाजिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण ,रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर भी कार्य करने का अनुभव हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >