मटिहानी में भारी वाहनों के दबाव से धंसा गुप्ता लखमिनिया बांध, मंडराया बाढ़ का खतरा, ग्रामीणों में आक्रोश

Begusarai News: बेगूसराय जिले के मटिहानी प्रखंड अंतर्गत छितरौर गांव के समीप भारी व ओवरलोडेड वाहनों के लगातार परिचालन के कारण गुप्ता लखमिनिया सुरक्षा बांध का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है. समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई और भारी वाहनों पर रोक नहीं लगी, तो मानसून में बांध टूटने से बड़ी तबाही मच सकती है.

Begusarai News: (नारायण कुमार की रिपोर्ट) बेगूसराय जिले के मटिहानी प्रखंड क्षेत्र से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है. यहाँ के छितरौर गाँव के समीप भारी और ओवरलोडेड वाहनों के लगातार और अनियंत्रित परिचालन के कारण गुप्ता लखमीनियाँ बाँध का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अचानक धंस गया है. बांध के क्षतिग्रस्त होने के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश के साथ-साथ किसी अनहोनी का डर सताने लगा है.

स्थानीय निवासियों ने बताया कि जिस स्थान पर बाँध धंसा है, वहाँ सड़क पर पहले से ही एक बड़ा गड्ढा बना हुआ था. इसके बावजूद इस मार्ग से गिट्टी, बालू और अन्य भारी सामग्रियां लादकर ओवरलोडेड ट्रक और अन्य भारी वाहन चौबीसों घंटे गुजर रहे थे. वाहनों के इसी अत्यधिक दबाव के कारण आखिरकार यह सुरक्षा बाँध नीचे की तरफ धंस गया.

बाढ़ के दिनों में टूट गया बांध, तो पूरे मटिहानी में मचेगी तबाही

ग्रामीणों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गुप्ता लखमिनिया बाँध मूल रूप से एक अति संवेदनशील गंगा सुरक्षा बाँध है. प्रत्येक वर्ष बाढ़ के दिनों में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने पर पानी इस बाँध पर भारी दबाव बनाता है.

ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है:’अगर बरसात का मौसम शुरू होने और बाढ़ आने से पहले जिला प्रशासन ने सुध नहीं ली और इस धंसे हुए हिस्से की मुकम्मल मरम्मत नहीं कराई गई, तो आगे चलकर बाढ़ के समय यहाँ से बांध टूटने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाएगा. यदि यह बांध टूटा, तो पूरे क्षेत्र के दर्जनों गांव जलमग्न हो जाएंगे और भारी तबाही मच सकती है.’

भारी वाहनों के परिचालन पर तुरंत रोक लगाने की मांग

सड़क और बांध की इस नारकीय स्थिति को देखते हुए आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्थानीय अंचल प्रशासन से अविलंब मरम्मत कार्य शुरू कराने की पुरजोर मांग की है. इसके साथ ही, लोगों ने इस मार्ग पर भारी और व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने की अपील की है. ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा ठोस और उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो धंसे हुए हिस्से के कारण यहाँ कभी भी कोई बड़ी सड़क दुर्घटना घट सकती है और जान-माल का नुकसान हो सकता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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