Begusarai News (विकास मिश्रा): बेगूसराय में संभावित बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं की गंभीर आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी तरह तेज कर दी हैं. इसी क्रम में जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की. इस बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों की काफी विस्तृत और गहन समीक्षा की. बैठक में मुख्य रूप से राहत एवं बचाव कार्य, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल आपूर्ति, कृषि विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग की तैयारियों का वास्तविक आकलन किया गया.
त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश
जिला पदाधिकारी ने संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति में बेहद त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को बिल्कुल सही समय पर राहत एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके. इस मानवीय कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 22 चलंत चिकित्सा दल (मोबाइल मेडिकल टीम), 55 सरकारी एम्बुलेंस, 80 राहत शिविर तथा 228 सामुदायिक रसोई केंद्रों की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है.
किसानों के लिए विशेष योजना
इसके अलावा बाढ़ प्रभावित परिवारों के समय पर सत्यापन, राहत सामग्री वितरण और पुनर्वास कार्यों को लेकर भी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. कृषि क्षेत्र में संभावित नुकसान को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए वैकल्पिक बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की एक कारगर योजना बनाई गई है. ताकि बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्थानीय खेती पर कोई बुरा असर न पड़े. वहीं आपातकालीन राहत एवं बचाव कार्यों को तेज गति देने के लिए जिले में सामरिक दृष्टि से 16 महत्वपूर्ण हेलीपैड स्थलों का चयन भी कर लिया गया है.
विभागों के समन्वय पर जोर
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि आपदा प्रबंधन केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास से ही किसी भी बड़े संकट का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है. उन्होंने सभी अधिकारियों को चौबीसों घंटे पूरी तरह सतर्क रहने, उपलब्ध संसाधनों को अद्यतन रखने तथा आम जनता तक आवश्यक सूचनाएं समय पर पहुंचाने का सख्त निर्देश दिया. बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे और अपने-अपने विभाग की तैयारियों से जिला पदाधिकारी को अवगत कराया. प्रशासन का मुख्य लक्ष्य संभावित बाढ़ की स्थिति में जन-धन की क्षति को न्यूनतम रखना है.
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