बेगूसराय में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, 129 केंद्रों पर जांच शून्य; CHO-ANM का वेतन रोका

बेगूसराय में गैर-संचारी रोगों की जांच अभियान में शून्य उपलब्धि वाले 129 स्वास्थ्य केंद्रों के सीएचओ और एएनएम का वेतन रोक दिया गया है. 25 लाख के लक्ष्य के मुकाबले केवल 1.36 लाख जांच होने पर सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार ने 9 प्रखंडों के स्वास्थ्य प्रबंधकों से स्पष्टीकरण मांगा है तथा प्रतिदिन 50 जांच और पोर्टल पर ऑनलाइन डेटा एंट्री अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं.

Begusarai News : राज्य सरकार के अभियान "जांच एवं उपचार, चिकित्सा आपके द्वार" के तहत गैर-संचारी रोगों की जांच में लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्यकर्मियों पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. जिले के 129 स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और एएनएम का वेतन अगला आदेश तक रोक दिया गया है. 12 सितंबर को सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में इन केंद्रों की उपलब्धि शून्य पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई.

25 लाख के लक्ष्य के मुकाबले धीमी प्रगति

अभियान के तहत 1 सितंबर से 30 नवंबर तक 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी बीमारियों की जांच का लक्ष्य रखा गया है.

राज्य मुख्यालय ने प्रत्येक केंद्र को प्रतिदिन कम से कम 50 लोगों की जांच का लक्ष्य दिया है. लेकिन 2 से 9 सितंबर तक के आंकड़ों की समीक्षा में करीब 25 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 1 लाख 36 हजार 869 लोगों की ही प्राथमिक जांच दर्ज की गई.

सदर प्रखंड में सबसे अधिक केंद्र प्रभावित

शून्य उपलब्धि वाले 129 केंद्रों में सदर प्रखंड बेगूसराय के 16, बछवाड़ा और बलिया के 14-14, बखरी के 13, भगवानपुर और तेघड़ा के 12-12, मटिहानी के 11 तथा साम्हो-अकहा-कुरहा के 8 केंद्र शामिल हैं.

इसके अलावा बरौनी व डंडारी के 5-5, गढ़पुरा के 4, वीरपुर, छौड़ाही व साहेबपुर कमाल के 3-3 तथा नावकोठी, मंसूरचक व खोदावंदपुर के 2-2 केंद्रों पर भी जांच शून्य दर्ज की गई.

नौ प्रखंडों के स्वास्थ्य प्रबंधकों से जवाब-तलब

प्रखंडवार समीक्षा में साम्हो-अकहा-कुरहा की प्रगति महज 5.71 प्रतिशत रही. खराब प्रदर्शन को लेकर बछवाड़ा, बलिया, बरौनी, सदर प्रखंड, वीरपुर, डंडारी, मटिहानी, साम्हो और तेघड़ा के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक तथा प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक से स्पष्टीकरण मांगा गया है.

वहीं नावकोठी (53.67%), चेरिया बरियारपुर (42.63%), बिशनपुर यूएचडब्ल्यूसी (60.57%) और तेलिया पोखर यूएचडब्ल्यूसी (60.29%) में प्रदर्शन बेहतर रहा.

प्रतिदिन 50 जांच और ऑनलाइन एंट्री अनिवार्य

सिविल सर्जन ने निर्देश दिया कि प्रत्येक केंद्र पर प्रतिदिन 50 लोगों की जांच कर आंकड़े उसी दिन एनसीडी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है, केवल ऑफलाइन कार्य मान्य नहीं होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निष्क्रिय स्वास्थ्यकर्मियों की रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजेंगे. सुधार न होने पर वेतन रोकने के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By विपिन कुमार मिश्र

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >