Begusarai Cyber Fraud: डिजिटल युग में साइबर अपराधी लगातार नए-नए और शातिर तरीके अपनाकर आम लोगों के साथ-साथ पढ़े-लिखे वर्ग को भी अपना निशाना बना रहे हैं. हैरान करने वाला ताजा मामला बेगूसराय से सामने आया है, जहाँ इस बार साइबर ठगों के बुने जाल में एक बैंक मैनेजर ही फंस गए. हालांकि, बेगूसराय साइबर थाना पुलिस की तत्परता और त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को उसकी ठगी गई राशि का एक हिस्सा वापस मिल गया है, जिससे उन्हें थोड़ी राहत मिली है.
मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से बांका जिले के अमरपुर मोदी टोला निवासी संतोष कुमार वर्तमान में बरौनी स्थित क्रेडिट एक्सिस ग्रामीण लिमिटेड में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं. बीते साल 12 अप्रैल को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था. कॉल करने वाले शातिर अपराधी ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताते हुए उन्हें खाते का केवाईसी अपडेट कराने का झांसा दिया. इसके लिए उसने संतोष कुमार को अपने मोबाइल में ‘आभा’ नामक एक मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा.
चार बार में उड़ाए 6 लाख रुपये, मोबाइल के मैसेज भी पढ़ रहे थे ठग
साइबर अपराधियों के झांसे में आकर बैंक मैनेजर संतोष कुमार ने उस फर्जी ऐप को डाउनलोड कर लिया और उसमें अपना मोबाइल नंबर, पैन कार्ड तथा अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारियां दर्ज कर दीं. इन जानकारियों के मिलते ही ठगों ने उनके इंडसइंड बैंक खाते तक अपनी पहुंच बना ली. इसके बाद अपराधियों ने चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से खाते से कुल 6 लाख रुपये साफ कर दिए.
पीड़ित के अनुसार, ठगों ने पहली बार में 2 लाख रुपये, दूसरी बार में 2 लाख रुपये, तीसरी बार में 1.50 लाख रुपये तथा चौथी बार में 50 हजार रुपये की अवैध निकासी की. ठग इतने शातिर थे कि ऐप के जरिए वे पीड़ित के मोबाइल पर आने वाले बैंक संबंधी सभी मैसेज को भी लाइव पढ़ रहे थे. जब संतोष कुमार को कुछ संदेह हुआ और उन्होंने उस नंबर पर दोबारा संपर्क किया, तब आरोपियों ने खुद को इंडसइंड बैंक का कस्टमर केयर अधिकारी बताकर उन्हें झांसे में रखा और गुमराह करने का प्रयास किया.
1930 हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद एक्शन में आई साइबर पुलिस
खाते से भारी रकम गायब होने और ठगी का पक्का अहसास होते ही संतोष कुमार ने बिना वक्त गंवाए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद बेगूसराय साइबर थाना में बकायदा मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान शुरू किया. पुलिस की त्वरित सक्रियता और संबंधित बैंकों से संपर्क साधने के कारण ठगों के खातों को समय रहते होल्ड कराया गया, जिससे ठगी गई राशि का एक बड़ा हिस्सा पीड़ित के खाते में वापस कराने में सफलता मिली है.
साइबर पुलिस की आम लोगों से अपील: कभी न करें ये गलतियां
इस घटना के बाद बेगूसराय साइबर पुलिस ने आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी और सतर्कता अपील जारी की है. पुलिस ने कहा है कि:
- किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर या अज्ञात लिंक पर क्लिक करके मोबाइल में कोई भी ऐप डाउनलोड न करें.
- बैंक कभी भी फोन पर आपसे पैन कार्ड, ओटीपी, सीवीवी या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारियां नहीं मांगता है.
- यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या ऑनलाइन ठगी के शिकार होते हैं, तो बिना देर किए तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं. घटना के तुरंत बाद शिकायत करने पर पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है.
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