Begusarai News: बरौनी सुधा डेयरी (मिथिला दुग्ध संघ) में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता, फर्जीवाड़े और पद के दुरुपयोग का मामला उजागर हुआ है. डेयरी प्रबंधन द्वारा कराई गई आंतरिक ऑडिट जांच रिपोर्ट के आधार पर पूर्व प्रभारी प्रबंध निदेशक (एमडी) रविंद्र प्रसाद और वर्तमान चेयरमैन विजय शंकर सिंह के विरुद्ध फुलवड़िया थाने में विधिवत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. इस कानूनी कार्रवाई के बाद दुग्ध उत्पादन संघ और डेयरी महकमे में हड़कंप मच गया है.
टेंडर घोटाले, फर्जी बिल और गबन के गंभीर आरोप
फुलवड़िया थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में प्रबंधन ने विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट, संक्षिप्त आरोप पत्र और साक्ष्य के रूप में कई अहम दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं. दर्ज मामले में निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
- नियमों की अनदेखी: निदेशक मंडल की अनिवार्य स्वीकृति को दरकिनार कर संघ के नियमों व नीतियों को ताक पर रखकर मनमाने फैसले लिए गए.
- वित्तीय गबन और हेराफेरी: दूध व अन्य उत्पादों के टेंडर आवंटन में व्यापक धांधली कर संघ को भारी वित्तीय क्षति पहुंचाई गई.
- फर्जी बिलिंग: फर्जी चालान और जाली बिल तैयार कर भारी भरकम सरकारी राशि के गबन और भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया.
पुलिस कर रही है दस्तावेजों की जांच
डेयरी प्रबंधन द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के बाद फुलवड़िया थाना पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है. ऑडिट रिपोर्ट में इंगित एक-एक वित्तीय लेनदेन और टेंडर फाइलों का मिलान किया जा रहा है.
"डेयरी प्रबंधन द्वारा कराई गई ऑडिट जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं. इसी आधार पर पूर्व प्रभारी एमडी रविंद्र प्रसाद और वर्तमान चेयरमैन विजय शंकर सिंह के खिलाफ फुलवड़िया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. पुलिस को सभी आवश्यक साक्ष्य और ऑडिट रिपोर्ट सौंप दी गई है और मामले में विधिसम्मत जांच जारी है." — रविंद्र कुमार, प्रबंध निदेशक (एमडी), बरौनी डेयरी
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