Bakhri Civil Court : बेगूसराई के बखरी अनुमंडल में व्यवहार न्यायालय की स्थापना हुए 11 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इसे पूर्ण न्यायालय का स्वरूप नहीं मिल सका है. अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी यानी एसडीजेएम की अब तक प्रतिनियुक्ति नहीं हुई है. इसके अलावा जरूरी अन्य न्यायिक पदों के सृजन और पदस्थापना के अभाव में अनुमंडल क्षेत्र के लाखों लोगों को स्थानीय स्तर पर त्वरित और सुलभ न्याय का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है.
इस समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री, विधि मंत्री, पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और बेगूसराय के निरीक्षी न्यायाधीश अजीत कुमार को पत्र भेजा है. उन्होंने न्यायालय में जरूरी न्यायिक पदों की व्यवस्था करने और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए पहल करने की मांग की है.
एक सब जज और एक मुंशीफ के सहारे चल रहा न्यायालय
पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में बखरी अनुमंडल व्यवहार न्यायालय एक सब जज और एक मुंशीफ के सहारे संचालित हो रहा है. न्यायिक व्यवस्था के विस्तार के बावजूद यहां एसडीजेएम, सेशन जज समेत अन्य आवश्यक न्यायिक पदों की व्यवस्था नहीं हो सकी है.
इसके कारण कई महत्वपूर्ण न्यायिक प्रक्रियाओं के लिए अनुमंडल क्षेत्र के लोगों को करीब 35 किलोमीटर दूर बेगूसराय जिला न्यायालय जाना पड़ता है. इससे लोगों को अतिरिक्त समय और पैसे खर्च करने पड़ते हैं.
जीआर पावर नहीं मिलने से भी परेशानी
बताया गया है कि बखरी व्यवहार न्यायालय को अभी तक जीआर का पावर भी प्राप्त नहीं है. ऐसे में गंभीर आपराधिक मामलों, जमानत समेत कई महत्वपूर्ण न्यायिक प्रक्रियाओं के लिए लोगों को बेगूसराय जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि अनुमंडल व्यवहार न्यायालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके घर के नजदीक न्याय उपलब्ध कराना था. लेकिन आवश्यक न्यायिक पदों और अधिकारों की पूरी व्यवस्था नहीं होने के कारण 11 वर्ष बाद भी यह उद्देश्य पूरी तरह साकार नहीं हो सका है.
ग्रामीण-दूरदराज के लोगों को ज्यादा परेशानी
जिला मुख्यालय आने-जाने में पक्षकारों और उनके परिजनों को अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करना पड़ता है. खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों से आने वाले लोगों को इससे परेशानी का सामना करना पड़ता है.
सामाजिक कार्यकर्ता राजेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री, विधि मंत्री और न्यायिक अधिकारियों से मामले में गंभीरता से पहल करने की मांग की है. उन्होंने बखरी अनुमंडल व्यवहार न्यायालय में जल्द एसडीजेएम की प्रतिनियुक्ति करने, जीआर पावर उपलब्ध कराने और आवश्यक न्यायिक पदों पर पदस्थापना की मांग की है, ताकि अनुमंडल क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके.
