पेपर लीक, अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज व बेरोजगारी के खिलाफ आइसा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसियेशन (आइसा) द्वारा बुधवार को जीडी कॉलेज, बेगूसराय में राज्यव्यापी प्रतिवाद दिवस मनाया गया.

बेगूसराय. ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसियेशन (आइसा) द्वारा बुधवार को जीडी कॉलेज, बेगूसराय में राज्यव्यापी प्रतिवाद दिवस मनाया गया. प्रशासनिक भवन से जिला उपाध्यक्ष विशाल कुमार के नेतृत्व में मार्च निकालकर मुख्य द्वार पर सभा आयोजित की गयी. छात्रों ने टीआरइ -4 अभ्यर्थियों पर पटना में हुए बर्बर लाठीचार्ज, नीट पेपर लीक, एइडीओ पेपर लीक बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था के संकट के खिलाफ केंद्र और बिहार सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया. सभा को संबोधित करते हुए आइसा के राज्य सचिव अजय कुमार ने कहा कि बिहार में शिक्षा और रोजगार व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. नीट पेपर लीक, बीपीएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी और एइडीओ समेत लगातार हो रहे पेपर लीक यह साबित करते हैं कि भाजपा और जदयू की सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. उन्होंने कहा कि एक तरफ लाखों युवा वर्षों तक मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, दूसरी तरफ सरकार और उसका तंत्र माफियाओं को संरक्षण देकर परीक्षाओं को भ्रष्टाचार का अड्डा बना चुका है. राज्य सचिव ने कहा कि टीआरई-4 की वैकेंसी जारी करने और रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला है. सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है, इसलिए अब आंदोलन करने वाले छात्रों-नौजवानों को पुलिस के बल पर दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि बिहार और केंद्र की भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य देने के बजाय केवल दमन और झूठे प्रचार में लगी हुई है. सभा को संबोधित करते हुए आइसा के राज्य उपाध्यक्ष सोनू फरनाज ने कहा कि आज देश का युवा सबसे ज्यादा ठगा हुआ महसूस कर रहा है. लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने मेहनतकश और गरीब परिवारों के छात्रों का भरोसा तोड़ दिया है. सरकार परीक्षा माफियाओं पर कार्रवाई करने के बजाय आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठियां बरसा रही है. उन्होंने कहा कि महिला अभ्यर्थियों के साथ पुलिस द्वारा किया गया अमानवीय व्यवहार बेहद शर्मनाक है और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है. सोनू फरनाज ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा और रोजगार के सवाल पर पूरी तरह विफल हो चुकी है. देश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार युवाओं को नौकरी देने के बजाय उन्हें आंदोलनों से रोकने में लगी है. आइसा छात्रों-नौजवानों के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है और रोजगार, शिक्षा तथा लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले के खिलाफ आंदोलन को और तेज करेगी. सभा में टीआरई-4 की वैकेंसी अविलंब जारी करने, सभी रिक्त पदों पर बहाली करने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने तथा लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गयी. मौके पर विपुल, सौरव, सिंटू, अंकुश, आलोक, अनीश, उत्कर्ष, किस्मत, समीर, रौशन समेत कई छात्र शामिल थे.

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By MANISH KUMAR

MANISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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