राष्ट्रीय लोक अदालत में 2100 मामले निबटे

जिले में 10 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. बेगूसराय जिला न्यायालय के अलावा मंझौल, बखरी, बलिया, तेघड़ा अनुमंडल न्यायालय एवं बरौनी रेलवे कोर्ट में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया.

बेगूसराय. जिले में 10 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. बेगूसराय जिला न्यायालय के अलावा मंझौल, बखरी, बलिया, तेघड़ा अनुमंडल न्यायालय एवं बरौनी रेलवे कोर्ट में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत, फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश गीता गुप्ता और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव करुञानिधि प्रसाद आर्या ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया. राष्ट्रीय लोक अदालत के विधिवत संचालन के लिए इस बार 18 पीठों का गठन किया गया था. राष्ट्रीय लोक अदालत के विधिवत उद्घाटन कार्यक्रम में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजीत कुमार जिला वकील संघ के अध्यक्ष ध्रुव कुमार महतो महासचिव अजय कुमार मुन्ना और विजयकांत झा भी उपस्थित थे. इस बार मंझौल, तेघरा, ,बलिया, बखरी अनुमंडल न्यायालय एवं बरौनी रेल न्यायालय में एक-एक पीठ का गठन किया गया था. जबकि जिला न्यायालय में 13 पीठों का गठन किया गया था. इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत से 401 आपराधिक मामले निष्पादित किए गये जबकि बैंक से संबंधित 719 मामले निष्पादित किये गये. इस बार लोक अदालत से टोटल 2100 मामले दोनों पक्षों की सहमति से निष्पादित किये गये. बैंकों ने अपने ऋणी से 4 करोड़ पर समझौता किया. बिजली विभाग के 93 मामले निष्पादित किये गये. बिजली विभाग ने अपने बकायदाओं से 46 लाख रुपये की वसूली की. दुर्घटना बीमा दावा के तीन मामले निष्पादित किये गये और विभिन्न बीमा कंपनी ने 53 लाख रुपये मृतक के परिजनों को देने पर समझौता किया. मंझौल अनुमंडल से 84 मामले, बखरी न्यायालय से 24 मामले, तेघरा न्यायालय से 28 मामले, बलिया न्यायालय से 76 मामले और बरौनी रेलवे कोर्ट से 694 मामले राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निष्पादित किये गये. परिवार न्यायालय के सात मामले निष्पादित किये गये. जिला जज ने राष्ट्रीय लोक अदालत के सभी पीठों में घूम-घूम कर लोगों की समस्या को सुना और उसका समाधान भी किया. राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के निष्पादन के लिए न्यायाधीश गीता गुप्ता, संजय कुमार 3, राकेश कुमार सिंह, कविता कुमारी, कंचन रानी, रोहित, आलोक कुमार, नैंसी कुमारी, कुमारी मिठू रानी, शालिनी किरण, सानू कुमार, रंंजन कुमार, राकेश कुमार, अवनिंंद्र प्रकाश, मनोज कुमार सिंह, रंधीर कुमार, रंजन देव और लीला पीठासीन पदाधिकारी बनाये गये थे. राष्ट्रीय लोक अदालत मे 8 पीएलवी मोहम्मद ताहिर आलम,अतुल कुमार,मुरारी,सिद्धार्थ सुमन, प्रमोद रजक, शंभू कुमार, अनीश कुमार की भी ड्यूटी लगायी गयी थी. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सहायक उदय कुमार, संगम मिश्रा समेत अन्य कर्मी का राष्ट्रीय लोक अदालत में काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा.

बखरी लोक अदालत में 71 मामलों का हुआ निबटारा

बखरी. बखरी व्यवहार न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. इस दौरान दिन भर न्यायालय परिसर में चहलकदमी देखा गया. लोक अदालत में पीठासीन पदाधिकारी के रूप में एसीजेएम मनोज कुमार सिंह एवं पीठ के सदस्य अधिवक्ता शंकर पंडित के समक्ष पेशकार गौतम भारद्वाज ने अभिलेख प्रस्तुत किया. समझौता के आलोक में एसीजेएम न्यायालय के कुल 15 एवं फस्ट क्लास मजिस्ट्रेट कोर्ट के 09 आपराधिक वादों का लोक अदालत में वर्षों से चल रहे मामलों का निष्पादन किया गया.जहां मामला निष्पादन के बाद दोनों पक्षों के पक्षकार खुशी-खुशी अपने घर को वापस गये. एसीजेएम श्री सिंह ने कहा कि वाद में आपसी समझौता हो जाने से किसी पक्ष का हार जीत नहीं होता है और ना ही उभय पक्षों में किसी प्रकार का विद्वेष रहता है.कई मामलों में सूचक के मृत्यु उपरांत उनके पुत्र तो कुछ में पत्नी ने मुदालय के साथ समझौता कर मुकदमा समाप्त करवाया.वहीं अनुमंडल दण्डाधिकारी कोर्ट में 47 वाद निष्पादित किये गये. मौके पर अनुमंडल अभियोजन अधिकारी शर्मा प्रवीण कुमार रामरतन, अधिवक्ता के महासचिव राजकुमार, गौरव कुमार, संजीव कुमार, पेशकार वीरेश कुमार सिन्हा, सिस्टम सहायक संदीप कुमार, लिपिक दिलीप राम, अभिषेक कुमार के अलावा संबंधित पक्षकार मौजूद थे.

मंझौल में 84 मामलों का निष्पादन

मंझौल. अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय मंझौल में 10 मई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के एकल पीठ के द्वारा कुल 84 मामलों का निष्पादन हुआ. इसमें आपराधिक वाद के 12 मामले, बिजली के 09 मामले तथा अनुमंडल कोर्ट मंझौल के नीलामबाद पत्र समेत 63 मामले शामिल हैं।. एकल पीठ में अध्यक्ष एसीजेएम मंझौल अवनींद्र प्रकाश, अधिवक्ता सदस्य गंगा प्रसाद, पीठ लिपिक सुभाष कुमार तथा ऑर्डरली मनोज कुमार शामिल थे. लोक अदालत में अधिवक्ता परमानंद चौधरी, सत्यनारायण महतो, दिलीप शर्मा, महबूब आलम आदि ने सहयोग किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Manish kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >