बीहट : मल्हीपुर चौक पर लगा और नगर परिषद बीहट के प्रवेश द्वार पर लिखा स्लोगन आइये नगर परिषद बीहट में आपका स्वागत है वास्तव में लोगों को मुंह चिढ़ाता नजर आता है. वार्डों की सड़कों पर जलजमाव,बजबजाती नालियां, उसके गंदे पानी से कीचड़मय सड़क, दुर्गंध,कूड़े-कचरों में मुंह मारती पशुओं का झुंड,अधिकांश गली व सड़कों पर फैला अंधकार,यही नगर परिषद बीहट की पहचान बनी हुई है.
कचरा प्रबंधन के नहीं हैं ठोस इंतजाम
बीहट : मल्हीपुर चौक पर लगा और नगर परिषद बीहट के प्रवेश द्वार पर लिखा स्लोगन आइये नगर परिषद बीहट में आपका स्वागत है वास्तव में लोगों को मुंह चिढ़ाता नजर आता है. वार्डों की सड़कों पर जलजमाव,बजबजाती नालियां, उसके गंदे पानी से कीचड़मय सड़क, दुर्गंध,कूड़े-कचरों में मुंह मारती पशुओं का झुंड,अधिकांश गली व सड़कों […]

नगर परिषद के मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी लाख दावे चाहे जितना कर लें पूरा नगर परिषद क्षेत्र कुप्रबंधन का शिकार है.
आलम तो यह है कि उनके ही नगर सफाईकर्मियों द्वारा शहर का कूड़ा-कचरा एनएच-31 के किनारे बीहट स्थित इबादतगाह के समीप डंप करके पूरी व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं.उससे उठते दुर्गंध के कारण आने-जाने वाले लोग मुंह पर रूमाल रखकर गुजरने को विवश हैं.
जहां-तहां निबटा दिया जाता है कचरा : ठोस कचरा प्रबंधन का इंतजाम नहीं होने के कारण नगर परिषद के विभिन्न वार्डों से निकलने वाले कूड़े-कचरे को जहां-तहां निबटा दिया जा रहा है.
जहां खाली जगह मिल गयी वहीं गाड़ी व ट्रॉली भरा कचरा पलट दिया जा रहा है. कचरा उठाव एवं सफाई के नाम पर लाखों-करोड़ों की राशि खर्च की जा रही है लेकिन आज तक गंदगी से निजात नहीं मिली. प्रदूषण और दुर्गंध से राहगीरों का गुजरना मुश्किल होता है.
प्रत्येक घर को नीले व हरे रंग के दो बाल्टी दिया जाना था : विभाग के निर्देश के मुताबिक हर घर से अलग-अलग सूखा व गीला कचरा प्रबंधन के लिए प्रत्येक घर को नीले व हरे रंग के दो बाल्टी दिया जाना था.
लोगों को सलाह दिया गया था कि नीले रंग के बाल्टी में सूखा,जबकि हरे रंग के बाल्टी में गीले कचरे का भंडारण करें. इसी तरह डोर-टू-डोर कचरा उठाव करने वाली एजेंसी भी सूखे व गीले कचरे को अलग-अलग डिब्बे में रखेगी.लेकिन सरकार का निर्देश नगर परिषद में व्याप्त भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और मामला टांय-टांय फिस्स हो गया.
रात में असुरक्षित हो जाते हैं कई इलाके
नगर परिषद की लापरवाह कार्यशैली के कारण शहर की खूबसूरती तो दूर की बात है,भरपूर बिजली मौजूद रहने के बावजूद नगर परिषद के कई वार्ड अंधेरे में डूबा रहता है.हालांकि सड़कों व गलियों में एलइडी लाइट लगाया जा रहा है.
लेकिन कंपनी द्वारा तय मानक के अनुरूप और घटिया उपकरण की वजह से वहां भी लगी लाइटें अभी से आंख-मिचौनी करने लगे हैं. सबसे मजे की बात तो यह है कि नगर परिषद क्षेत्र में लगी लाइटें या तो जलती नहीं है और जलती है तो कभी बूझती नहीं है. दिन में भी अधिकांश लाइटें जलती हुई देखी जा सकती है.
गोदाम में पड़ी है खरीदी गयी बाल्टी
सरकार के निर्देश के बावजूद बीहट नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न वार्डों के हर घर से अलग-अलग सूखा व गीला कचरों का उठाव नहीं किया जा रहा है. कारण पूछने पर कई वार्ड पार्षदों ने बताया कि अभी तक खरीदी गयी बाल्टी हर घर को मुहैया भी नहीं कराया जा सका है.
जबकि सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार बाल्टी तो खरीदी गयी लेकिन जरूरत के हिसाब से कम थी.पार्षदों ने कम बाल्टी लेने से इन्कार कर दिया. फलस्वरूप बाल्टी गोदाम में शोभा की वस्तु बनकर रह गया. बाल्टी नहीं मिलने के कारण लोग यत्र-तत्र कूड़ा-कचरा फेंकने को विवश हैं.
बढ़ा मच्छरों का प्रकोप नगरवासी परेशान
बरसात के मौसम में मच्छरों की वजह से रात्रि में सोना मुश्किल हो गया है. नगर परिषद क्षेत्र में मच्छरों का तांडव इस कदर बढ़ गया है कि रात तो दूर की बात है दिन में भी मच्छरों ने अपने डंक से नगरवासियों को परेशान कर दिया है.
पिछले कई माह से फॉगिंग नहीं करायी गयी है. नगरवासियों ने नगर परिषद पदाधिकारी से साफ-सफाई व फॉगिंग कराने की मांग करते हुए कहा कि जल्द समस्या का निदान नहीं हुआ तो मलेरिया,फाइलेरिया व डेंगू जैसी बीमारियां फैल सकती है.
बोले मुख्य पार्षद
फिलहाल विभागीय स्तर से साफ-सफाई का काम कराया जा रहा है. एक सप्ताह के भीतर एजेंसी काम करने लगेगी. उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में सार्वजनिक जगहों पर कचरा डंप नहीं किया जा सकता. इसके अलावा जल्द ही सभी वार्डों में नियमानुसार लाइटें लगायी जायेगी.
रजनीश कुमार,मुख्य पार्षद , बीहट नप