तापमान में 1 डिग्री का इजाफा, 38 डिग्री तक पहुंचेगा पारा
बांका जिले में सूर्य के तल्ख तेवर और पुरबा हवा के कारण लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को अधिकतम तापमान में बीते गुरुवार की तुलना में 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. आज जिले का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. दोपहर के समय गर्म हवाएं (लू) चलने के कारण स्थिति और विकट हो जाएगी. हालांकि, शाम के वक्त आसमान में आंशिक बादल छाने से तापमान में हल्की नरमी के संकेत मिल सकते हैं.
24 मई तक आंधी-तूफान का अलर्ट, शुष्क मौसम के बीच होगी बारिश
मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण बिहार के बांका सहित अन्य सीमावर्ती जिलों में आगामी 24 मई तक मौसम का मिजाज रुक-रुक कर बदलता रहेगा:
- हवा की रफ्तार: इस अवधि के दौरान जिले में एक-दो स्थानों पर मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली (वज्रपात) के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी तेज हवाएं चल सकती हैं.
- आर्द्रता का स्तर: सुबह के समय हवा में नमी (सापेक्ष आर्द्रता) 70 से 75 प्रतिशत तक रहेगी, जिससे उमस बढ़ेगी, जबकि दोपहर में यह घटकर 20 से 25 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी. पूर्वानुमान के दौरान 08 से 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पुरबा हवाएं चलने की संभावना है.
अस्पतालों में बढ़े डिहाइड्रेशन के मरीज, डॉक्टरों ने दी विशेष सावधानी की सलाह
चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. इस मौसमी बदलाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिससे स्थानीय अनुमंडलीय और सदर अस्पताल में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी), उल्टी-दस्त और चक्कर आने वाले मरीजों की संख्या में अचानक काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने आम जनता को सचेत करते हुए कहा है कि दोपहर के समय यदि बहुत आवश्यक कार्य न हो, तो तेज धूप में घर से बाहर निकलने से पूरी तरह परहेज करें.
बचाव के मुख्य उपाय:
- शरीर में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में शीतल पेयजल, नींबू पानी, और नारियल पानी का सेवन करें.
- लगातार हो रहे पसीने के कारण होने वाली कमजोरी को दूर करने के लिए ओआरएस (ORS) घोल और ग्लूकोज का पानी पीते रहें.
- धूप में निकलते समय सिर को सूती कपड़े या छाते से ढक कर रखें और खाली पेट घर से बाहर बिल्कुल न निकलें.
बांका से सुभाष वैद्य की रिपोर्ट:
