बांका जिले के कटोरिया प्रखंड अंतर्गत डोमसरणी पंचायत के दर्वेपट्टी गांव में रविवार को एक अजीबोगरीब हादसा हो गया. चापाकल से एल्यूमिनियम के बर्तन में पानी भरकर घर लौट रही 35 वर्षीय महिला बिजली करंट की चपेट में आकर बेहोश हो गयी. हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आनन-फानन में महिला को कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. चिकित्सक डॉ. शैलजानंद शुक्ला ने उसका प्राथमिक उपचार किया. उपचार के बाद महिला की स्थिति खतरे से बाहर बतायी गयी है.
सिर पर रखा पानी का बर्तन बना करंट का माध्यम
जख्मी महिला की पहचान दर्वेपट्टी गांव निवासी कारू राय की 35 वर्षीया पत्नी प्यारी देवी के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार प्यारी देवी रविवार को गांव के चापाकल से एल्यूमिनियम के बर्तन में पानी भरकर उसे सिर पर रखकर घर लौट रही थी.
इसी दौरान बिजली पोल से घर की ओर जाने वाले कनेक्शन तार के संपर्क में सिर पर रखा पानी से भरा बर्तन आ गया. तार के संपर्क में आते ही महिला करंट की चपेट में आ गयी. पानी और धातु के बर्तन के कारण करंट का झटका तेज होने की आशंका जतायी जा रही है.
जोरदार झटके के बाद जमीन पर गिरकर हुई बेहोश
करंट का तेज झटका लगते ही प्यारी देवी जमीन पर गिर गयी और बेहोश हो गयी. अचानक हुई घटना से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गयी. परिजन और ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और महिला को संभाला.
इसके बाद बिना देर किये महिला को इलाज के लिए कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों और मेडिकल टीम ने तत्काल उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया.
इलाज के बाद खतरे से बाहर महिला की स्थिति
कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक डॉ. शैलजानंद शुक्ला ने महिला का प्राथमिक उपचार किया. चिकित्सक के अनुसार उपचार के बाद प्यारी देवी की स्थिति खतरे से बाहर है. समय पर अस्पताल पहुंचाये जाने के कारण महिला को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सकी.
घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली के खुले और घरों की ओर जाने वाले कनेक्शन तारों की स्थिति को लेकर भी चिंता जतायी है. लोगों का कहना है कि ऐसे तारों की समय-समय पर जांच और आवश्यक मरम्मत होनी चाहिए, ताकि दोबारा इस तरह के हादसे की आशंका को कम किया जा सके.
