शंभुगंज में नल लगा, पाइप भी बिछा...घरों तक नहीं पहुंचा पानी, फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
Banka News : भीषण गर्मी में जब पानी जिंदगी की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है, तब बांका के शंभुगंज स्थित भूमिहारा गांव में लोग एक-एक बूंद पानी के लिए परेशान हैं. एक साल से नल-जल योजना बंद पड़ी है और अब आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है.
शंभुगंज (बांका) से ठाकुर बिनोद का रिपोर्ट
Banka News : शंभुगंज प्रखंड के परमानंदपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 09 स्थित भूमिहारा गांव में पिछले एक वर्ष से अधिक समय से शुद्ध पेयजल आपूर्ति ठप है. जल मीनार बनी हुई है, पाइपलाइन भी बिछी है, लेकिन लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा. भीषण गर्मी के बीच पानी संकट गहराने से नाराज ग्रामीणों ने सरकार और विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन कर जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग उठायी.
योजना गांव में सिर्फ दिखावे तक सीमित
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना गांव में सिर्फ दिखावे तक सीमित होकर रह गयी है. पिछले एक साल से वार्ड संख्या 09 में लोगों को नल से पानी नहीं मिल रहा. कई बार विभागीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रखंड प्रशासन से शिकायत की गयी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है.लोगों ने बताया कि कभी बिजली की समस्या, कभी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और कभी स्मार्ट मीटर रिचार्ज खत्म होने का बहाना बनाकर पेयजल आपूर्ति बंद कर दी जाती है. अब हालत यह है कि जल मीनार केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है.
भीषण गर्मी में पानी के लिए मचा हाहाकार
गांव में पानी संकट इतना गहरा गया है कि सैकड़ों परिवार एक सरकारी चापानल के सहारे जीवन गुजार रहे हैं. दर्जनों घरों के लोग उसी चापानल से पानी भरते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कई घरेलू चापानल भी पानी छोड़ चुके हैं, जिससे परेशानी और बढ़ गयी है.ग्रामीण विजय चौधरी, पप्पू चौधरी, बबलू राम, डोमी मांझी, रूपा देवी, राधा रानी, सुगनी देवी, झमिया देवी और राधा देवी समेत अन्य लोगों ने बताया कि भीषण गर्मी में इंसानों के साथ पशु-पक्षियों के सामने भी पानी का संकट खड़ा हो गया है.
विभागीय लापरवाही पर भड़के ग्रामीण
विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना है कि योजनाओं का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है. लोगों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जायेगा.
जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
इस मामले में पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता सुबोध कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जायेगी और यथाशीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जायेगा, ताकि ग्रामीणों को नल-जल योजना का लाभ मिल सके.