बौंसी, (बांका). नगर पंचायत बौंसी के वार्ड संख्या 13 में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है. वार्ड का एकमात्र सार्वजनिक चापाकल वर्षों से खराब पड़ा है और अब उसकी हालत ऐसी हो गई है कि वह झाड़ियों और घास के बीच पूरी तरह छिप चुका है. नियमित देखरेख और मरम्मत के अभाव में यह चापाकल अब केवल प्रशासनिक लापरवाही की मिसाल बनकर रह गया है.
चापाकल से कभी पूरे मोहल्ले की बुझती थी प्यास
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस चापाकल से कभी पूरे मोहल्ले की प्यास बुझती थी, लेकिन लंबे समय से खराब रहने के कारण अब लोगों को पीने का पानी लेने के लिए दूसरे वार्डों का सहारा लेना पड़ रहा है. सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही है, जिन्हें रोजाना दूर से पानी ढोना पड़ता है.
मरम्मत के लिए नगर पंचायत और वार्ड प्रतिनिधि से शिकायत की पर केवल आश्वासन ही मिला
ग्रामीणों के अनुसार चापाकल की मरम्मत को लेकर कई बार नगर पंचायत और वार्ड प्रतिनिधि से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला. हाल ही में नगर पंचायत ने अन्य वार्डों के कई चापाकलों की मरम्मत कराई, जबकि वार्ड 13 का यह चापाकल आज भी बदहाल स्थिति में पड़ा है. इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. चापाकल के आसपास उगी घनी झाड़ियां यह साबित करती हैं कि महीनों से इसकी सफाई तक नहीं कराई गई. लोगों का कहना है कि यदि समय पर रखरखाव होता तो पेयजल की यह समस्या इतनी गंभीर नहीं बनती. सड़क निर्माण के बाद हो गया बंद
जानकारी देते हुए स्थानीय पांडा टोला निवासी निर्मल झा के साथ-साथ मनोज दत्ता व अन्य ने बताया कि जब भोली बाबा आश्रम पथ का निर्माण किया जा रहा था,उस समय पीसीसी सड़क निर्माण के कारण चापाकल नीचे हो गया और धीरे-धीरे यह पूरी तरफ बंद हो गया.बताया जाता है कि उस मोहल्ले में यह एकमात्र सरकारी है. वार्ड वासियों ने दुरुस्त कराने की अपील की
वार्डवासियों ने नगर पंचायत प्रशासन से खराब चापाकल को तत्काल दुरुस्त कर चालू कराने, आसपास की झाड़ियों की सफाई कराने तथा नगर क्षेत्र के सभी सार्वजनिक चापाकलों का नियमित निरीक्षण और रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा की अनदेखी किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है.
