स्कूल से चावल लेकर निकले ऑटो को ग्रामीणों ने रोका, बिक्री की आशंका पर जमकर हंगामा

Banka News : उच्च विद्यालय परिसर से चावल लेकर निकल रही एक ऑटो को ग्रामीणों ने बीच रास्ते में रोक दिया. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और चावल को लेकर सवाल उठने लगे. ग्रामीणों ने जहां चावल बेचने की साजिश का आरोप लगाया, वहीं स्कूल प्रबंधन ने इसे चावल की सफाई के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया बताया.

चांदन (बांका) से अमरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट

Banka News : बांका जिले के चांदन प्रखंड अंतर्गत बिरनियां पंचायत स्थित उच्च विद्यालय बांक में रविवार को उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई जब विद्यालय से चावल लादकर निकल रही एक ऑटो को ग्रामीणों ने रोक लिया. ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक और एक सेवानिवृत्त रसोइया पर मिलीभगत कर चावल बेचने की योजना बनाने का आरोप लगाया. हालांकि विद्यालय प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुराने चावल को साफ-सफाई के लिए मील भेजा जा रहा था.

ऑटो रोकते ही जुट गयी ग्रामीणों की भीड़

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विद्यालय से चावल लादकर एक ऑटो बाहर निकली थी. कुछ दूरी तय करने के बाद ग्रामीणों ने वाहन को घेरकर रोक लिया. घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और चावल को लेकर सवाल उठने लगे.

ग्रामीणों ने लगाया मिलीभगत का आरोप

हंगामे के दौरान मौजूद ग्रामीण भूपेंद्र पंडित, प्रेम पंडित, दशरथ पंडित, भागलदेव पंडित, विनोद पंडित और मंटू पंडित समेत अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी इसी ऑटो से चावल लाकर एक स्थानीय व्यक्ति के घर में रखा गया था. ग्रामीणों का कहना था कि दूसरी बार चावल बाहर ले जाते समय उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने वाहन को रोक दिया. उनका आरोप है कि प्रधानाध्यापक और अवकाश प्राप्त रसोइया की मिलीभगत से चावल को बिक्री के लिए बाहर ले जाया जा रहा था.

हंगामे के बीच स्कूल में वापस रखा गया चावल

ग्रामीणों के विरोध और हंगामे के कारण काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा. इसी बीच बारिश शुरू हो गई. स्थानीय लोगों और कुछ जनप्रतिनिधियों की पहल के बाद विद्यालय प्रबंधन ने चावल को वापस स्कूल परिसर में रखवा दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ.

प्राचार्य ने आरोपों को बताया निराधार

विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार ने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि विद्यालय में रखा चावल पुराना हो गया था और लगातार बारिश के कारण उसमें कीड़े लग गए थे. इसी कारण चावल को साफ-सफाई के लिए नजदीकी मील भेजा जा रहा था.

स्कूल प्रबंधन ने दी यह सफाई

प्रधानाध्यापक के अनुसार गर्मी की छुट्टियों के दौरान चावल और अधिक खराब होने की आशंका थी. इसलिए विद्यालय प्रबंधन ने स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रिंकू राय को इसकी जानकारी देकर चावल को मील भेजने का निर्णय लिया था. उन्होंने कहा कि उस समय विद्यालय में छात्र और शिक्षक भी मौजूद थे तथा पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जा रही थी.

जांच की मांग के बीच चर्चा का विषय बनी घटना

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मामले की चर्चा हो रही है. ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके. वहीं विद्यालय प्रबंधन का दावा है कि चावल की सफाई को लेकर गलतफहमी के कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई.

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Author: AMIT KUMAR SINH

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