पुल के इंतजार में हर बरस दांव पर लगती हैं जिंदगियां, उफनती अगरा नदी नाव से पार करने की मजबूरी

बांका के बौसी में अगरा नदी पर पुल न होने से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। प्रशासन से पुल निर्माण की मांग तेज हो गई है।

बौंसी,(बांका) . प्रखंड क्षेत्र के दुर्गापुर और नीमा गांव के ग्रामीण इन दिनों अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं. पंडा टोला से होकर नीमा और दुर्गापुर जाने वाले मार्ग पर बहने वाली अगरा नदी बारिश के मौसम में विकराल रूप धारण कर लेती है.नदी पर पुल का निर्माण नहीं होने के कारण हर साल बरसात के दिनों में ग्रामीणों को उफनती धारा पार कर अपने घरों तक पहुंचना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी इस इलाके में पुल जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है.

बारिश के दिनों में स्थिति और भी हो जाती है खराब

सड़क और सुरक्षित आवागमन की सुविधा के अभाव में लोगों को हर वर्ष भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. खासकर बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब नदी का जलस्तर बढ़ने से आवाजाही लगभग ठप हो जाती है. सबसे अधिक परेशानी बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है.आपात स्थिति में मरीजों को प्रखंड मुख्यालय या अस्पताल तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है. कई बार तेज बहाव के कारण लोगों को घंटों नदी का पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता है.

आरोप : हर चुनाव में जनप्रतिनिधि पुल का करते हैं वादा, चुनाव बाद जाते हैं भूल ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि पुल निर्माण का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही यह मुद्दा ठंडे बस्ते में चला जाता है. वर्षों से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है, जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है. लोगों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द अगरा नदी पर पुल निर्माण कराने की मांग की है. आखिर कब तक उन्हें अपनी और अपने परिवार की जान दांव पर लगाकर आवागमन करना पड़ेगा. ग्रामीणों का मानना है कि पुल बनने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं तक उनकी पहुंच भी आसान हो सकेगी.

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लेखक के बारे में

By संजीव कुमार

संजीव कुमार पाठक प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बौंसी (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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