जर्जर बिजली तार से दहशत में गांव, शिकायत लेकर बिजली कार्यालय पहुंचीं दर्जनों महिलाएं
Banka News : बांका के लीलागोड़ा गांव में जर्जर बिजली तार अब लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है. बार-बार तार टूटकर गिरने से हादसे की आशंका बढ़ गई है. इसी समस्या से परेशान होकर गांव की दर्जनों महिलाएं बिजली कार्यालय पहुंचीं और विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की.
बांका से चंदन कुमार की रिपोर्ट
Banka News : सदर प्रखंड क्षेत्र के लीलागोड़ा गांव में जर्जर विद्युत तारों को बदलने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है. मंगलवार को गांव की दो दर्जन से अधिक महिलाएं बिजली कार्यालय पहुंचीं और कार्यपालक अभियंता को लिखित आवेदन सौंपकर पुराने व क्षतिग्रस्त तारों को अविलंब बदलने की मांग की. महिलाओं का कहना है कि लंबे समय से तार टूटकर गिर रहे हैं, जिससे गांव में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
जर्जर तार बन रहे खतरे की वजह
ग्रामीण महिलाओं ने अपने आवेदन में बताया कि गांव के ट्रांसफार्मर से निकले बिजली के तार काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं. आए दिन तार टूटकर जमीन पर गिर जाते हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना रहता है. उनका कहना है कि यदि समय रहते तार नहीं बदले गए तो किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है.
पड़ोसी गांव में बदला तार, यहां अब भी इंतजार
महिलाओं ने विभाग पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि उसी पंचायत के समीपवर्ती गांवों में जर्जर तारों को बदल दिया गया है, लेकिन लीलागोड़ा गांव को नजरअंदाज किया जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि एक ही पंचायत में इस तरह का भेदभाव समझ से परे है.
बिजली संकट से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार जर्जर तारों के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होती है. भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली नहीं रहने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पेयजल की समस्या भी गहरा गई है, क्योंकि अधिकांश लोग मोटर और बिजली आधारित जलापूर्ति पर निर्भर हैं.
700 से अधिक आबादी प्रभावित
लीलागोड़ा गांव की आबादी 700 से अधिक बताई जा रही है. गांव के लगभग सभी घरों में बिजली कनेक्शन है, लेकिन खराब तारों और बाधित आपूर्ति के कारण लोग नियमित बिजली सुविधा से वंचित हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है.
जांच के आदेश, जल्द कार्रवाई का आश्वासन
महिलाओं द्वारा दिए गए आवेदन पर विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है. कार्यपालक अभियंता ने कनीय अभियंता को जांच का निर्देश देते हुए जर्जर तारों को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया है. अब ग्रामीणों की निगाह विभागीय कार्रवाई पर टिकी है.
हादसे से पहले समाधान की उम्मीद
ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल सुरक्षित और सुचारु बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करना है. लोगों को उम्मीद है कि विभाग समय रहते कार्रवाई करेगा और किसी संभावित दुर्घटना से पहले जर्जर तारों को बदलकर गांववासियों को राहत देगा.