बांका में मनायी गयी वीर सावरकर की जयंती, युवाओं को उनके विचारों से प्रेरणा लेने का दिया गया संदेश
Banka News : अंडमान की कालापानी जेल की यातनाएं भी जिनका हौसला नहीं तोड़ सकीं.” बांका में वीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उनके राष्ट्रवादी विचारों और संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया गया.
बांका से निरंजन कुमार की रिपोर्ट
Banka News : बांका में माय भारत संगठन की ओर से महान स्वतंत्रता सेनानी, इतिहासकार और समाज सुधारक विनायक दामोदर सावरकर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनायी गयी. आरएमके कैंपस डिजिटल लाइब्रेरी में आयोजित कार्यक्रम में स्वयंसेवकों और युवाओं ने सावरकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की. कार्यक्रम का नेतृत्व माय भारत बांका के स्वयंसेवक मिथुन कुमार ने किया.
सावरकर के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने वीर सावरकर के जीवन संघर्ष, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला. स्वयंसेवक मिथुन कुमार ने कहा कि विनायक दामोदर सावरकर भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर राष्ट्रवादी, इतिहासकार और समाज सुधारक थे.उन्होंने कहा कि सावरकर ने हिंदुत्व की विचारधारा को स्थापित किया और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष के कारण उन्हें अंडमान की सेलुलर जेल में वर्षों तक अमानवीय यातनाएं झेलनी पड़ीं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी.
युवाओं के लिए प्रेरणा बने सावरकर
कार्यक्रम में मौजूद युवाओं को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वीर सावरकर का जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उनके विचार देशभक्ति, आत्मसम्मान और सामाजिक जागरूकता की सीख देते हैं. युवाओं को उनके संघर्ष और राष्ट्र निर्माण की सोच से प्रेरणा लेकर समाज और देश के विकास में योगदान देना चाहिए.
डिजिटल लाइब्रेरी परिसर में हुआ आयोजन
आरएमके कैंपस डिजिटल लाइब्रेरी में आयोजित इस कार्यक्रम में माय भारत के कई स्वयंसेवक एवं सदस्य मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान सभी ने सावरकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया.इस मौके पर माय भारत के स्वयंसेवक कुंदन कुमार, ममता, पिंकी, पूजा, मेघा, काजल, निशा, निरंजन, चंदन सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे.