बांका में केक नहीं, रक्तदान से मनाया जन्मदिन, युवाओं ने बचाई कई जिंदगियों की उम्मीद
Banka News : बांका सदर अस्पताल परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर में युवाओं ने समाजसेवा का परिचय देते हुए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. शिविर का आयोजन बीइंग सारथी संस्था द्वारा एक सदस्य के जन्मदिवस के अवसर पर किया गया. बीइंग सारथी के रक्तदान शिविर में युवाओं ने उत्साह के साथ रक्तदान किया. इस दौरान 15 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया.
बांका से चंदन कुमार की रिपोर्ट
Banka News : सदर अस्पताल परिसर में सामाजिक संस्था बीइंग सारथी की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. यह शिविर संस्था के सक्रिय सदस्य अमृतेश सिंह अंकु के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर रक्तदान किया. कार्यक्रम का उद्घाटन बांका के सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार ने फीता काटकर किया.
सिविल सर्जन ने बताया रक्तदान को महादान
उद्घाटन के दौरान सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानव सेवा कार्य है. उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद मरीज के जीवन को बचा सकता है. उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की.
युवाओं ने दिखाई समाजसेवा की भावना
रक्तदान शिविर में युवाओं का उत्साह देखने लायक था. कुल 15 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की. रक्तदाताओं ने कहा कि किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता.
रक्तदाताओं को किया गया सम्मानित
शिविर के दौरान रक्तदान करने वाले सभी युवाओं को संस्था की ओर से सम्मानित किया गया. आयोजकों ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यों में भाग लेने का आह्वान किया.
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में बीइंग सारथी के युवा समाजसेवी अनमोल सिंह, अंकित रोशन, नवल किशोर, राजकुमार, विशाल, अनिमेष सिंह सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. आयोजन में सदर अस्पताल के प्रबंधक सुनील कुमार चौधरी, ब्लड बैंक के हरिहर कुमार, कुणाल कुमार, इम्तियाज आलम सहित कई स्वास्थ्यकर्मी और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे.
रक्तदान से बढ़ती है जीवन बचाने की उम्मीद
शिविर के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और जरूरत पड़ने पर केवल रक्तदान ही किसी मरीज की जान बचा सकता है. आयोजन ने युवाओं के बीच सामाजिक जिम्मेदारी और मानव सेवा की भावना को और मजबूत करने का काम किया.