अमरपुर. प्रखंड के भिखनपुर पंचायत अंतर्गत महौता गांव में विगत एक माह से कटखने बंदर का आतंक जारी है. एक माह के अंदर कटखने बंदर ने दर्जनों ग्रामीणों पर हमला करते हुए उन्हें जख्मी कर दिया है. जिनमें से आधा दर्जन जख्मी भागलपुर के मायागंज अस्पताल में इलाजरत हैं. कटखने बंदर का आतंक इस कदर है कि ग्रामीण अपने-अपने घरों से निकलने में परहेज करने लगे हैं. यहां तक की बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे है. जिस कारण बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है. मामले को लेकर पंचायत के पूर्व मुखिया सह भाजपा नेता मृत्युंजय शर्मा ने जिला प्रशासन से लेकर वन विभाग के मंत्री तक को लिखित आवेदन देकर गांव से बंदर की रेस्क्यू करने की मांग किया. मामले में जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए वन विभाग की टीम को बंदर की रेस्क्यू करने का निर्देश दिया. जिसके बाद वन विभाग की टीम ने महौता गांव पहुंच कर ग्रामीण की मदद से एक बंदर की रेस्क्यू किया. लेकिन जांच के दौरान बंदर कटखने साबित नहीं हुई. जांच के बाद टीम ने उन्हें अन्य जंगलों में छोड़ दिया. लेकिन गांव में बंदर का आतंक बदस्तूर जारी रहा. टीम पुनः बुधवार को दर्जनों पुलिस कर्मियों के साथ महौता गांव पहुंच कर ग्रामीणों के साथ बगीचे से लेकर अन्य जगहों पर कटखने बंदर की तलास किया. लेकिन टीम को कोई सफलता हाथ नही लग पाया. जिससे ग्रामीणों में निराशा उत्पन्न हो गयी. पूर्व मुखिया ने बताया कि दो कटखने बंदर पूरे गांव में आतंक मचा रखा है. कटखने बंदर अचानक ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें जख्मी कर देते हैं. बुधवार को वन विभाग की टीम गांव पहुंच कर कटखने बंदर को पकड़ने का प्रयास किया. लेकिन टीम को कोई सफलता हाथ नहीं लग पाया. उन्होंने वन विभाग की टीम को पुरी कोशिश के साथ कटखने बंदर की रेस्क्यू करने की मांग किया है. ताकि कटखने बंदर के आतंक से ग्रामीणों का बचाव किया जा सके.
महौता गांव में दूसरे दिन भी कटखने बंदर का रेक्स्यू करने पहुंची टीम, नहीं मिली कोई सफलता
जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए वन विभाग की टीम को बंदर की रेस्क्यू करने का निर्देश दिया.
