भगवान मधुसूदन की निकली अलौकिक शाही शोभायात्रा
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर नगर में भगवान मधुसूदन की भव्य और अलौकिक शाही शोभायात्रा श्रद्धा, भक्ति व उत्साह के साथ निकाली गयी.
गरुड़ रथ पर विराजमान प्रभु के दर्शन से भक्त हुए भावविभोर गौरव कश्यप, पंजवारा. मकर संक्रांति के पावन अवसर पर नगर में भगवान मधुसूदन की भव्य और अलौकिक शाही शोभायात्रा श्रद्धा, भक्ति व उत्साह के साथ निकाली गयी. मौके पर भगवान मधुसूदन की दिव्य प्रतिमा को भव्य रूप से सुसज्जित गरुड़ रथ पर विराजमान किया गया, जिनके दर्शन मात्र से ही वातावरण भक्तिमय हो उठा. दोपहर करीब 2 बजे के बाद भगवान मधुसूदन को मंदिर स्थित गर्भ गृह से निकाल कर गरुड़ रथ पर पंडितों के द्वारा विराजमान कराया गया. इसके बाद हरि नाम संकीर्तन की टोली व बैंड की धुन पर भगवान की शोभायात्रा आरंभ हुई. विभिन्न वाहनों पर विभिन्न भगवान की वेशभूषा धारण किये कलाकार बड़ा ही मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे. पुलिस प्रशासन और भक्तों की अगुवाई में भगवान की शाही शोभायात्रा मंदार तराई पहुंची. जहां भगवान काे विधिवत मकर स्नान कराया गया. शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर आगे बढ़ी. मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया. ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चल रही इस शाही शोभायात्रा ने पूरे नगर को धार्मिक उल्लास से भर दिया. भक्तजन जय मधुसूदन, जय मंदार के जयकारों के साथ प्रभु के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस करते नजर आए. गरुड़ रथ पर विराजमान भगवान मधुसूदन की प्रतिमा अत्यंत मनोहारी प्रतीत हो रही थी. रथ को आकर्षक फूलों व धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया था. भगवान मधुसूदन मंदार तराई स्थित फगडोल पहुंचे. जहां पंडितों के द्वारा फग डोल मंदिर में भगवान को उतारा गया. प्रखंड सहित जिले के विभिन्न जगहों और झारखंड के समीप वर्ती इलाकों से आये लोगों ने भगवान मधुसूदन का वहां पर दर्शन किया. बाद में मंदिर परिसर में विशेष आरती और प्रसाद वितरण भी किया गया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
