सदर अस्पताल बांका में बुधवार को विभिन्न विभागों की ओपीडी में विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों को अपनी सेवाएं देंगे. अस्पताल में कुल 17 चिकित्सक अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे. इसके अलावा ब्लड बैंक और एनेस्थेसिया विभाग के चिकित्सक भी अपने-अपने विभाग में सेवा देंगे. मरीजों की सुविधा के लिए ओपीडी का संचालन दो पालियों में किया जाएगा, जबकि इमरजेंसी सेवा 24 घंटे जारी रहेगी.
दो पालियों में संचालित होगी ओपीडी
सदर अस्पताल में पहली पाली की ओपीडी सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी. वहीं दूसरी पाली में दोपहर 4 बजे से शाम 6 बजे तक मरीजों का इलाज किया जाएगा. इस दौरान विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों की जांच कर आवश्यक परामर्श और उपचार उपलब्ध कराएंगे.
मेडिकल ओपीडी में डॉ. उस्मान गनी मरीजों को देखेंगे. गायनी ओपीडी में डॉ. अनिता अरुण, डॉ. ममता कुमारी और डॉ. माहे कायनात अपनी सेवा देंगी. सर्जरी एवं अर्थो ओपीडी में डॉ. पवन कुमार की ड्यूटी रहेगी.
पीडिया से लेकर डेंटल तक डॉक्टर रहेंगे तैनात
पीडिया ओपीडी में डॉ. कुमार अमिश मरीजों की जांच करेंगे. आई ओपीडी में डॉ. गुंजन कुमार, उमेश कुमार और अंकित कुमार अपनी सेवा देंगे. ईएनटी ओपीडी में गजनाफर अली तथा डेंटल ओपीडी में डॉ. मनोज कुमार मरीजों का इलाज करेंगे.
वहीं फिजियोथरेपी विभाग में डॉ. मणिशंकर और डॉ. वकार मुस्तफा अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे. अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी विभागों में निर्धारित समय के अनुसार चिकित्सकों की सेवा उपलब्ध रहेगी.
इमरजेंसी में तीन पालियों में डॉक्टरों की ड्यूटी
इमरजेंसी, एसएनसीयू और महिला चिकित्सकों की सेवा तीन पालियों में 24 घंटे जारी रहेगी. पहली पाली सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे, दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे और तीसरी पाली रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक होगी.
इमरजेंसी विभाग की पहली पाली में डॉ. सूरज कुमार और डॉ. विजय कुमार, दूसरी पाली में डॉ. दिनकर झा तथा तीसरी पाली में डॉ. अबसार आलम ड्यूटी देंगे.
एसएनसीयू और महिला चिकित्सक भी 24 घंटे रहेंगे उपलब्ध
एसएनसीयू की पहली पाली में डॉ. कुमार अमिश, दूसरी पाली में डॉ. बाल कृष्ण चौधरी तथा तीसरी पाली में डॉ. जितेंद्र कुमार अपनी सेवा देंगे. महिला चिकित्सक के रूप में पहली और दूसरी पाली में डॉ. रश्मि सीमा तथा तीसरी पाली में डॉ. अनिता अरुण ड्यूटी पर रहेंगी.
अस्पताल में इमरजेंसी सेवा चौबीसों घंटे चालू रहेगी. इससे ओपीडी समय के बाद आने वाले गंभीर मरीजों को भी तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.
