Monsoon Alert Bihar : दक्षिण-पश्चिम मानसून के बिहार में प्रवेश करते ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के अनुसार 15 जुलाई तक बांका समेत दक्षिण बिहार के कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा चलने की संभावना है.
बिहार में पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड में प्रवेश कर चुका है. मानसून के सक्रिय होने के साथ ही बांका, भागलपुर और दक्षिण-पूर्वी बिहार के अन्य जिलों में मौसम तेजी से बदलने लगा है.
भारी बारिश और तेज हवा का अलर्ट
मौसम विभाग ने सोमवार को बांका और भागलपुर सहित कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है.
तापमान में आएगी गिरावट, उमस से मिलेगी राहत
मानसून के प्रभाव से अधिकतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है. जिले में सोमवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बारिश के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.
15 जुलाई तक बांका में भारी बारिश की संभावना
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 15 जुलाई तक बांका जिले के एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है. इस दौरान अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. सुबह में सापेक्षिक आर्द्रता 90 से 95 प्रतिशत तथा दोपहर में 65 से 75 प्रतिशत रह सकती है. पछुआ हवा 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है.
धान की बुआई और रोपाई का उपयुक्त समय
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को हाल की बारिश का लाभ उठाते हुए सबौर दीप, प्रभात, शुष्क सम्राट और सहभागी धान की किस्मों की बुआई करने की सलाह दी है. बुआई से पहले बीजों का कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचार करने और 10 से 15 दिन की नर्सरी में समय पर निराई-गुड़ाई करने को कहा गया है. साथ ही राजेंद्र नीलम, राजेंद्र कस्तूरी और राजेंद्र श्वेता जैसी मध्यम अवधि की किस्मों की रोपाई तथा सबौर मोती और सबौर सोना धान की सीधी बुआई भी शुरू करने की सलाह दी गई है.
खेतों में जल निकासी पर दें विशेष ध्यान
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से भारी बारिश की संभावना को देखते हुए खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने और मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही कृषि कार्य करने की अपील की है. इससे फसलों को नुकसान से बचाने के साथ बेहतर उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा.
ये भी पढ़ें :बिहार के 27 जिलों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना, 40 KMPH की रफ्तार से चलेगी हवा
