21 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे श्रद्धालु, गढ़ी कुर्मा में कलशयात्रा से शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा

Banka News : बांका के शंभुगंज में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. अजगैबीनाथ धाम से हजारों श्रद्धालु 21 किलोमीटर पैदल चलकर गंगाजल लेकर गढ़ी कुर्मा गांव पहुंचे, जहां भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ हुआ.

शंभुगंज (बांका) से ठाकुर बिनोद का रिपोर्ट : शंभुगंज प्रखंड क्षेत्र के सातपट्टी गढ़ी कुर्मा गांव में श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ कलश शोभायात्रा के साथ भक्तिमय माहौल में किया गया. अजगैबीनाथ धाम के उत्तरवाहिनी गंगा घाट से निकली इस यात्रा में करीब एक हजार श्रद्धालुओं ने भाग लिया. पूरे रास्ते जय श्रीराम और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा.

अजगैबीनाथ धाम से भरा गया कलश

कार्यक्रम की शुरुआत अजगैबीनाथ धाम स्थित गंगा घाट से हुई, जहां भागवत कथा के आचार्य Dr. Vikas Pandey, ब्यूटी पांडेय और अन्य श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ कलश में गंगाजल भरा. इसके बाद श्रद्धालु माथे पर कलश लेकर पैदल यात्रा पर निकले. यात्रा के दौरान भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा मार्ग भक्तिमय बना रहा.

21 किलोमीटर तक गूंजते रहे जयकारे

कलश यात्रा कांवरिया पथ होते हुए नारदपुर, कमराय, असरगंज, बेलारी, कष्टिकरी, चटमा, रायपुरा और चटमा बाजार से गुजरते हुए कथा स्थल पहुंची. करीब 21 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में श्रद्धालु लगातार “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के जयकारे लगाते रहे.

जगह-जगह हुआ श्रद्धालुओं का स्वागत

यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर ग्रामीणों और भक्तों द्वारा श्रद्धालुओं का नींबू पानी, शर्बत और अन्य पेय पदार्थों से स्वागत किया गया. स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं की सेवा को पुण्य का कार्य बताते हुए पूरे उत्साह के साथ सहयोग किया.

ढोल-नगाड़े और झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र

कलश शोभायात्रा में ढोल-नगाड़ों की गूंज और बाल कलाकारों की आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं.कथा स्थल पहुंचने के बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश स्थापना की गई. इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया.

ग्रामीणों ने संभाली आयोजन की कमान

आयोजन को सफल बनाने में गांव के सभी ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका रही. श्रद्धालुओं की व्यवस्था से लेकर यात्रा संचालन तक हर स्तर पर ग्रामीणों ने सहयोग किया. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारा और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Amit kumar sinh

और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >