Shravani Mela 2026 : 30 जुलाई से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर कांवरिया पथ पर तैयारियां तेज हो गई हैं. सड़क किनारे चाय, भोजन, पूजन सामग्री, फल-सब्जी, कोल्ड ड्रिंक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के लिए पंडाल तैयार किए जा रहे हैं. स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से आने वाले व्यापारी भी अपनी दुकानें लगाने की तैयारी में जुटे हैं.
एक महीने तक नहीं लगता दुकानों में ताला
श्रावणी मेले की सबसे खास बात यह है कि यहां दिन और रात का अंतर लगभग खत्म हो जाता है. कांवरियों की लगातार आवाजाही के कारण पूरे महीने दुकानों में ताला नहीं लगता. चौबीसों घंटे व्यापारिक गतिविधियां चलती रहती हैं, जिससे दुकानदारों को बेहतर आमदनी होती है.
ग्रामीण परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं
कांवरिया पथ से जुड़े गांवों के लिए श्रावणी मेला आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. कई परिवार इसी मेले से होने वाली आय के सहारे बेटियों की शादी, बच्चों की पढ़ाई, मकान निर्माण, जमीन खरीदने, वाहन लेने और बैंक ऋण चुकाने जैसे बड़े सपने पूरे करते हैं. इसलिए स्थानीय लोग पूरे वर्ष इस मेले का इंतजार करते हैं.
हर जरूरत की दुकानें सजती हैं मेले में
श्रावणी मेले के दौरान चाय, पान, नाश्ता, भोजन, पूजन सामग्री, फल-सब्जी, कोल्ड ड्रिंक, दवा और प्राथमिक उपचार केंद्र सहित अनेक प्रकार की दुकानें सजती हैं. व्यापार में परिवार के सभी सदस्य भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं, जिससे यह मेला सामाजिक सहभागिता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का बड़ा माध्यम बन जाता है.
मेले के आगमन से पूरे क्षेत्र में उत्साह
श्रावणी मेले के शुरू होने से पहले ही कटोरिया और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है. व्यापारी तैयारियों में जुटे हैं, जबकि स्थानीय लोगों को इस बार भी बेहतर कारोबार और आर्थिक लाभ की उम्मीद है. आस्था और रोजगार का यह संगम हर वर्ष हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आता है.
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