शंभुगंज (बांका). शंभुगंज प्रखंड क्षेत्र की पकरिया पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 10 एवं 11 स्थित महादलित टोला सर्वीचक गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया. गुरुवार को दर्जनों महिला-पुरुषों ने प्रदर्शन कर सड़क, नाला, पेयजल, शिक्षा और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की.
55 महादलित परिवारों के बुनियादी सुविधाओं से वंचित होने का दावा
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश सदस्य कामरेड रणवीर कुशवाहा ने दावा किया कि दोनों वार्डों में मांझी समुदाय के करीब 55 महादलित परिवार रहते हैं. उन्होंने कहा कि लंबे समय से ये परिवार कई जरूरी सुविधाओं से वंचित हैं. उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की.
कच्ची सड़क के कारण बारिश में बढ़ती है परेशानी
ग्रामीणों पांचू मांझी, सोनू मांझी, विनोद मांझी, कैलाश मांझी, नीलम देवी और मीरा देवी सहित अन्य ने बताया कि गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचने वाला रास्ता अभी भी कच्चा है. बारिश के दौरान जलजमाव और कीचड़ के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी होती है. ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में पूरी बस्ती का संपर्क प्रभावित हो जाता है.
चापाकल खराब, नल-जल योजना से नियमित पानी नहीं मिलने का आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि गांव का एकमात्र सरकारी चापाकल खराब पड़ा है. वहीं नल-जल योजना के तहत नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं होने की शिकायत भी की गई. ग्रामीणों का दावा है कि महीने में महज एक दिन पानी मिल पाता है, जिससे गर्मी और बरसात के दौरान परेशानी और बढ़ जाती है.
शिक्षा और आंगनबाड़ी सुविधा की भी उठी मांग
ग्रामीणों ने शिक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर भी नाराजगी जताई. उनका कहना है कि पूरी बस्ती में बादल कुमार मांझी ही इंटर तक पढ़ाई कर सके हैं. ग्रामीणों ने बच्चों की पढ़ाई के लिए विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है.
जमीन मिलते ही शुरू होगा निर्माण: मुखिया
मुखिया दीपक कुमार सिंह ने बताया कि सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी केंद्र के लिए योजनाएं चयनित हैं. उन्होंने कहा कि अंचल स्तर से जमीन उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा.
जांच के बाद समाधान का भरोसा
अंचलाधिकारी जुगनू रानी ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से उठाई गई समस्याओं की जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि जांच के बाद संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक और ठोस पहल की जाएगी.
