Banka Farmers Achievement : बांका जिले के शंभुगंज प्रखंड अंतर्गत गुलनी कुशहा पंचायत के किसानों ने सामूहिक प्रयास की मिसाल पेश की है. चार दिनों की कड़ी मेहनत के बाद ग्रामीणों ने बदुआ नदी पर अस्थायी बांध बनाकर खेतों तक पानी पहुंचा दिया. इसके साथ ही कई दिनों से सिंचाई का इंतजार कर रहे किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी, जिससे पूरे इलाके में खुशी का माहौल है.
चार दिन के श्रमदान से खेतों तक पहुंचा नदी का पानी
गुलनी कुशहा पंचायत के किसानों ने लगातार चार दिनों तक श्रमदान कर बदुआ नदी पर करीब 10 फीट ऊंचा अस्थायी बांध तैयार किया. बांध बनते ही नदी का पानी खेतों तक पहुंच गया और गुलनी कुशहा बहियार में धान की रोपाई शुरू हो गई. लंबे समय से बारिश और सिंचाई का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे पर आखिरकार मुस्कान लौट आई.
सैकड़ों एकड़ भूमि की सिंचाई का बना सहारा
किसानों ने बताया कि इस अस्थायी बांध के माध्यम से गुलनी पंचायत के नरसंडी, पहड़ी मोहनपुर सहित आसपास के कई गांवों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती है. पहले कम मेहनत में ही नदी का पानी खेतों तक पहुंच जाता था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है.
अंधाधुंध बालू उठाव से बढ़ी किसानों की परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो दशकों में बदुआ नदी से बड़े पैमाने पर बालू उठाव होने के कारण नदी का तल खेतों की सतह से करीब आठ से दस फीट नीचे चला गया है. यही वजह है कि अब हर साल किसानों को ऊंचा अस्थायी बांध बनाना पड़ता है. भादो महीने में तेज बहाव के कारण यह बांध बह जाता है और अगले वर्ष फिर से ग्रामीणों को श्रमदान कर नया बांध तैयार करना पड़ता है.
स्थायी सिंचाई परियोजना की उठी मांग
किसानों ने सरकार से बदुआ नदी पर स्थायी सिंचाई व्यवस्था विकसित करने और जल संरक्षण की ठोस योजना लागू करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि नदी पर स्थायी बांध या सिंचाई परियोजना बनाई जाती है तो हर वर्ष अस्थायी बांध बनाने की मजबूरी खत्म होगी. इससे क्षेत्र की खेती को स्थायी लाभ मिलेगा, किसानों की लागत कम होगी और धान सहित अन्य फसलों की खेती भी समय पर हो सकेगी.
