Banka Sadar Hospital OPD : सदर अस्पताल में पहली पाली की ओपीडी सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा दूसरी पाली की ओपीडी शाम 4 बजे से 6 बजे तक संचालित होगी. अस्पताल की इमरजेंसी सेवा पहले की तरह 24 घंटे जारी रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल इलाज मिल सके. ब्लड बैंक और एनेस्थीसिया विभाग के चिकित्सक भी पूरे दिन अपनी सेवाएं देंगे.
जानिए किस विभाग में कौन डॉक्टर देंगे सेवा
बुधवार को मेडिकल ओपीडी में डॉ उस्मान गनी मरीजों का इलाज करेंगे. गायनी विभाग में डॉ अनिता अरुण, डॉ ममता कुमारी और डॉ माहे कायनात मौजूद रहेंगी. सर्जरी एवं ऑर्थोपेडिक ओपीडी की जिम्मेदारी डॉ पवन कुमार के पास रहेगी. शिशु रोग विभाग में डॉ कुमार अमिश, नेत्र विभाग में डॉ गुंजन कुमार, डॉ उमेश कुमार और डॉ अंकित कुमार सेवाएं देंगे. ईएनटी विभाग में डॉ गजनाफर अली, डेंटल ओपीडी में डॉ मनोज कुमार तथा फिजियोथेरेपी विभाग में डॉ मणिशंकर और डॉ वकार मुस्तफा मरीजों का उपचार करेंगे.
इमरजेंसी में तीन पालियों में डॉक्टर रहेंगे तैनात
इमरजेंसी सेवा के लिए भी तीन पालियों में चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है. सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ सुरज कुमार और डॉ विजय कुमार, दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक डॉ दिनकर झा तथा रात 8 बजे से गुरुवार सुबह 8 बजे तक डॉ अबसार आलम सेवा देंगे. महिला मरीजों के लिए पहली और दूसरी पाली में डॉ रश्मि सीमा तथा तीसरी पाली में डॉ अनिता अरुण उपलब्ध रहेंगी. एसएनसीयू में पहली पाली में डॉ कुमार अमिश, दूसरी पाली में डॉ बाल कृष्ण चौधरी और तीसरी पाली में डॉ जितेंद्र कुमार नवजात शिशुओं की देखभाल करेंगे.
मौसमी बीमारियों के मरीज लगातार बढ़ रहे
मानसून के दौरान सर्दी, खांसी, वायरल बुखार और सिरदर्द जैसे मौसमी रोगों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अस्पताल की विभिन्न ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 500 से 600 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जून महीने में 15,732 मरीजों का इलाज किया गया था, जबकि जुलाई में 28 जुलाई तक ही यह संख्या बढ़कर 15,842 पहुंच चुकी है. इससे स्पष्ट है कि मौसम बदलने के साथ अस्पताल में मरीजों का दबाव भी बढ़ा है.
गायनी विभाग में भी बढ़ी मरीजों की संख्या
महिला रोग विभाग में भी इन दिनों मरीजों की संख्या अधिक देखी जा रही है. विशेषज्ञ महिला चिकित्सकों द्वारा महिलाओं को आवश्यक चिकित्सीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है. अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बुखार, सर्दी, खांसी या अन्य मौसमी लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी चिकित्सकीय सलाह लें और स्वयं दवा लेने से बचें.
