22 फरवरी को आरएसएस मुख्यालय का किया जायेगा घेराव

संविधान में दिये गये अधिकारों का उल्लंघन है. हाईकोर्ट में गुहार लगाने के बाद भी कोई न्याय नहीं मिला

बांकाः भारत मुक्ति मोर्चा, बहुजन क्रांति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा व राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा के तत्वावधान में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन समाहरणालय समीप कर्पूरी स्माकर के पास गुरुवार को किया गया. वक्ताओं ने कहा कि बामसेफ का 42वां एवं भारत मुक्ति मोर्चा का 15 वां राष्ट्रीय अधिवेशन बालियात्रा लोवर ग्राउंड कटक उड़ीसा में विगत वर्ष 26 दिसंबर से 30 दिसंबर तक होना था. इसकी अनुमति भी वहां के जिला प्रशासन से दो माह पूर्व प्राप्त हो चुका था. अधिवेशन शुरु होने के समय ही आरएसएस व बीजेपी के दबाव में आकर ग्राउंड का परमिशन रद्द कर दिया गया. यह संविधान में दिये गये अधिकारों का उल्लंघन है. हाईकोर्ट में गुहार लगाने के बाद भी कोई न्याय नहीं मिला. इसीलिए यह धरना दिया गया है. यह अधिवेशन ओबीसी की जाति आधारित जनगणना क्यों जरुरी है व मशीन के विरोध के संबंध में विषय पर चर्चा के लिए रखी गयी थी. इसलिए संगठन द्वारा चार चरणों का आंदोलन घोषित किया गया है. 15 जनवरी को सभी जिला मुख्यालय में धरना दिया जा रहा है, जिसमें बांका यूनिट भी समर्थन दे रहा है. तीसरा चरण का आंदोलन 22 जनवरी व चौथा चरण का आंदोलन 22 फरवरी को किया जायेगा. इस दौरान नागपुर में आरएसएस मुख्यालय का घेराव किया जायेगा. इस मौके पर भारत मुक्ति मोर्चा जिलाध्यक्ष विश्वानंद गिर, दयानंद बौद्ध, रामचंद्र दास रुपनारायण बौद्ध, प्रमोद कुमार दास, तुलसी दास, नंदिन देवी, सूर्यनारायण दास, तेतर दास, प्रमोद कुमार दास, सत्यजीत कुमार, विरेंद्र दास, सरयू दास सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे.

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By SHUBHASH BAIDYA

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